आतंक पर अब लगेगा अंकुश, जम्मू-कश्मीर में NIA की तर्ज पर SIA का गठन

Nov 2, 2021, 10:28 IST

जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तर्ज पर राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) का गठन किया गया है. यह एजेंसी एनआईए व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी.

Jammu and Kashmir admin orders setting up specialised agency for probing terrorism
Jammu and Kashmir admin orders setting up specialised agency for probing terrorism

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) प्रशासन ने 01 नवंबर 2021 को राज्य जांच एजेंसी (SIA) के नाम से एक नई विशेष जांच एजेंसी के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है. जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तर्ज पर राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) का गठन किया गया है. यह एजेंसी एनआईए व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी.

राज्य सरकार के गृह विभाग की तरफ से 01 नवंबर 2021 को जारी आदेश के मुताबिक, एसआईए में एक निदेशक होगा. इसमें अधिकारी और कर्मचारी सरकार की तरफ से भेजे जाएंगे. सीआईडी प्रमुख एजेंसी के मानद निदेशक होंगे. मूल वेतन का 25 प्रतिशत विशेष प्रोत्साहन राशि एसआईए में तैनात कर्मचारियों को दिया जाएगा. आदेश में कहा गया है कि सभी थाना प्रभारी आतंकवाद से जुड़े मामलों के पंजीकृत होने की सूचना तत्काल एसआईए को देंगे.

एसआईए (SIA) एफआईआर दर्ज कर सकती

जांच के दौरान आतंकवाद का एंगल मिलने पर भी उसकी सूचना देनी होगी. डीजीपी अपराध की गंभीरता, जांच की प्रगति समेत अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखकर किसी भी मामले की जांच एसआईए को सौंप सकते हैं. यदि जांच एसआईए को नहीं सौंपी जाती है तो पुलिस मुख्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि जांच की प्रगति की समय-समय पर जानकारी साझा हो. एसआईए किसी भी मामले का स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर सकती है, लेकिन इसकी जानकारी डीजीपी को देनी होगी.

एसआईए का काम क्या होगा?

राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) का गठन आतंकवाद पर प्रभावी अंकुश के लिए किया गया है. यह एजेंसी आतंकवाद से जुड़े मामलों की प्रभावी जांच करने के साथ अभियोजन की कार्रवाई भी करेगी. एसआईए मुख्य रूप से आतंकवाद और इससे जुड़े अपराधों से संबंधित मामलों की जांच करेगी.

एसआईए “राष्ट्रीय जांच एजेंसी” (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए नोडल एजेंसी होगी और आतंकवाद से संबंधित मामलों की त्वरित और प्रभावी जांच करेगी. आतंकवाद से संबंध रखने वाले अपराध, आतंकवादी वित्तपोषण और उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारत मुद्रा नोटों के संचलन सहित सभी आतंकवादी कार्य एसआईए के दायरे में आएंगे.

आतंकवाद से संबंधित बड़े षड्यंत्र के मामले और आतंकवाद से संबंधित मामले प्रचार, झूठी कहानी, बड़े पैमाने पर उकसावे, असंतोष का प्रसार, अपहरण व हत्या, एटीएम व बैंक लूट, हथियार लूटने, भारतीय संघ के खिलाफ दुश्मनी भी इसका हिस्सा होगा.

इनको मिलेगा विशेष सुरक्षा भत्ता 

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओजी और बीडीएस को विशेष सुरक्षा भत्ता मिलेगा. ऑपरेशन स्टाफ को मूल वेतन का 25 प्रतिशत और नान ऑपरेशनल स्टाफ को 12.50 प्रतिशत सुरक्षा भत्ता मिलेगा. गृह विभाग की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक एसओजी व बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) का हाईशिप एलाउंस अन्य पुलिसकर्मियों के  समान ही होगा.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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