Citizenship Amendment Act: केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने के लिए नियमों की अधिसूचना की घोषणा कर दी है. आम चुनाव से पहले इसे एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है. मोदी सरकार पहले से ही इसे लागू करने की तैयारी में थी.
यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों के नागरिकों को नागरिकता देने में सक्षम बनाएगा, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत चले आए थे.
गृह मंत्रालय द्वारा सीएए के तहत आवेदन, प्रसंस्करण और नागरिकता प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम जारी करने पर भी विचार कर रही है.
Ministry of Home Affairs (MHA) will be notifying today, the Rules under the Citizenship (Amendment) Act, 2019 (CAA-2019). These rules, called the Citizenship (Amendment) Rules, 2024 will enable the persons eligible under CAA-2019 to apply for grant of Indian citizenship. The… pic.twitter.com/Vp6v8wdjjx
— ANI (@ANI) March 11, 2024
मोदी सरकार की ऐतिहासिक फैसला:
सीएए दिसंबर 2019 में अधिनियमित किया गया था और 10 जनवरी, 2020 को लागू हुआ. हालाँकि, नियमों को अधिसूचित नहीं किए जाने के कारण अधिनियम लागू नहीं किया जा सका.
कानून के लागू होने से मुस्लिम समुदाय और विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था और इसे भेदभावपूर्ण बताया था और इसे वापस लेने की मांग की थी.
सीएए-2019 के तहत बनेंगे नियम:
गृह मंत्रालय ने आज इसके सम्बन्ध में सोशल मीडिया पर कहा कि मंत्रालय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019) के तहत नियमों को अधिसूचित करेगा.
नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम सीएए-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे.
आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे जिसके लिए एक वेब पोर्टल प्रदान किया गया है.
केन्द्रीय गृहमंत्री ने लागू करने पर दिया था जोर:
यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा के कुछ सप्ताह बाद आया है कि कानून लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा.
पिछले महीने अमित शाह ने कहा था कि ''सीएए कानून को कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था, ''इसे चुनाव से पहले लागू किया जाएगा...यह देश का कानून है, इसे कोई नहीं रोक सकता, यह पत्थर की लकीर है, यह हकीकत है.''
वेब पोर्टल हुआ तैयार:
नागरिकता (संशोधन) नियम के तहत मुस्लिम समुदाय को छोड़कर भारत के मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले बाकी धर्मों के लोगों को नागरिकता दी जाएगी. इसके लिए सरकार ने एक वेब पोर्टल भी तैयार किया है. इसके लिए पात्र लोगों को इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना, इसके बाद उनके आवेदन की जाँच के बाद लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी.
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