प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 अप्रैल 2016 को भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मानव तस्करी रोकने एवं उसका मुकाबला करने के लिए आपसी सहयोग पर किये गये समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के लिए मंजूरी प्रदान की.
इस एमओयू का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता के रिश्ते को मजबूत बनाना तथा मानव तस्करी, विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को रोकने, बहाली, राहत एवं उनके देश-प्रत्यावर्तन के मुद्दे पर आपसी सहयोग को शीघ्रता से बढ़ाना है.
एमओयू की मुख्य विशेषताएं:
• सभी प्रकार की मानव तस्करी, विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत बनाना तथा त्वरित जांच और दोनों देशों में से किसी में भी मानव तस्करों एवं संगठित अपराध का अभियोजन सुनिश्चित करना.
• तस्करी पर रोक संबंधी कदम उठाना जो महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को खत्म करेगा एवं मानव तस्करी के पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा करेगा.
• मानव तस्करी प्रकोष्ठ एवं कार्य बल दोनों ही देशों में मानव तस्करी को रोकने के लिए कार्य करेंगे.
• पुलिस एवं अन्य संबंधित अधिकारी एक साथ मिलकर कार्य करेंगे एवं आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे ताकि मानव तस्करों का पता लगाकर उन पर पाबंदी लगाने के लिए कदम उठाये जा सकें.
• समझौता ज्ञापन के कामकाज की निगरानी के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त कार्य बल का गठन किया जाएगा.
पृष्ठभूमि
संयुक्त अरब अमीरात में मानव तस्करी के लिए भारत एक स्रोत और पारगमन देश है जबकि संयुक्त अरब अमीरात मुख्य रूप से दक्षिण, दक्षिण-पूर्व एवं मध्य एशिया तथा पूर्वी यूरोप के पुरूषों एवं महिलाओँ के लिए एक गंतव्य तथा पारगमन देश है जिन्हें जबरन श्रम एवं यौन तस्करी का सामना करना पड़ता है.
प्रवासी मजदूर जो संयुक्त अरब अमीरात के निजी क्षेत्र श्रमबल के 95 प्रतिशत से अधिक हैं, उनकी नियुक्ति मुख्य रूप से इथोपिया, इरिट्रिया, ईरान एवं पूर्वी दक्षिणी तथा दक्षिण पूर्वी एशिया से की जाती है. इनमें से कुछ देशों की महिलाएं स्वेच्छा से घरेलू सहायता, सचिवों, ब्यूटिशियन एवं होटलों में सफाई का काम करने के लिए जाती हैं लेकिन उनमें से कुछ को अवैध तरीके से जबरन श्रम कराने, उनके पासपोर्ट को जब्त करने, आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने, मजदूरी न दिए जाने, धमकियों और शारीरिक या यौन शोषण का शिकार बनना पड़ता है.
इस उद्देश्य के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव रखा गया. भारत द्वारा बांग्लादेश के साथ मानव तस्करी को रोकने के लिए पहले ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं तथा बहरीन के साथ एक एमओयू पर अप्रैल 2016 में हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है.
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