यूरोपियन न्यायालय ने 7 जून 2016 को यह घोषणा की कि गैर-यूरोपीय प्रवासियों को अनाधिकृत प्रवेश करने पर गिरफ्तार नहीं किया जायेगा. यूरोपियन 2008 वापसी निर्देशों के अनुसार अवैध प्रवासियों को उनके देश में भेजे जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जायेगा.
यह निर्देश शेनगेन पासपोर्ट फ्री ज़ोन पर लागू होगा तथा इस ज़ोन को छोड़कर जाने वाले लोगों पर भी लागू होगा.
यह निर्देश घाना की प्रवासी सेलिना एफ्फुम के सिलसिले में दिया गया. 22 मार्च 2013 को उसके पास फ्रेंच पुलिस द्वारा नकली बेल्जियन कागजात पाए गये. उस समय वह बेल्जियम से लंदन बस में जा रही थीं.
फ्रेंच पुलिस ने उसे फ़्रांस में नकली कागजात रखने के आरोप में हिरासत में रखने के आदेश दिए. इस मामले में एफ्फुम ने हिरासत में रखे जाने को यूरोपियन यूनियन के निर्देशों के खिलाफ बताते हुए केस दायर किया.
इस केस को बाद में यूरोपियन कोर्ट में दर्ज किया गया जहां मामले की सुनवाई की गयी.
2008 वापसी निर्देश
• इस नियम के तहत प्रवासी व्यक्ति को स्वेच्छा से 30 दिन के भीतर देश छोड़ने को कहा जाता है. इस प्रक्रिया में जबरदस्ती अथवा उस व्यक्ति का जीवन खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए.
• इस संबंध में विभागों को बच्चों, परिवारों एवं देशों के द्विपक्षीय संबंधों का ध्यान रखना चाहिए.
• यह शेंगेन क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर गये व्यक्ति का बचाव करता है तथा उसके मानवीय अधिकारों की रक्षा करता है.
• हालांकि किसी व्यक्ति द्वारा अपराध किये जाने की अवस्था में एवं घर वापसी के आदेशों की तय सीमा के बाद अवहेलना करने पर उसे 18 माह के लिए हिरासत में लिया जा सकता है.
• यदि व्यक्ति एक बार देश छोड़ कर चला जाए एवं दोबारा अवैध रूप से प्रयास करे तो भी उसे सज़ा हो सकती है.
शेंगेन ज़ोन
• इस क्षेत्र में 26 यूरोपियन देश आते हैं जिनमें यूरोपियन देशों के नागरिक आसानी से आवागमन कर सकते हैं.
• यह क्षेत्र एक प्रकार से एक देश के रूप में लोगों को आने-जाने की सुविधा प्रदान कर्ता है, जिसमे कॉमन वीज़ा पालिसी लागू होती है.
• इस क्षेत्र को शेंगेन समझौते के बाद इस नाम से जाना जाता है.
• 28 में से 22 यूरोपियन देश इस क्षेत्र में शामिल हैं.
• छह देश जो इसमें शामिल नहीं हैं – बुल्गारिया, क्रोएशिया, सायप्रस, रोमानिया, आयरलैंड एवं इंग्लैंड.
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