भारतीय मूल के लेखक और प्रसिद्ध ब्रिटिश उपन्यासकार सर वी.एस. नायपॉल का 12 अगस्त 2018 को लंदन में निधन हो गया. वे 85 वर्ष के थे.
प्रशंसकों के बीच 'सर विदिया' के नाम से मशहूर नायपॉल ने उपनिवेशवाद, आदर्शवाद, धर्म और राजनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर हमेशा मुखर होकर लिखा.
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित:
सर वी.एस. नायपॉल को वर्ष 1971 में बुकर प्राइज और वर्ष 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्हें वर्ष 1990 में साहित्यिक योगदान के लिए ‘नाइटहुड’ की उपाधि भी मिली है. वे रवींद्रनाथ टैगोर के बाद साहित्य का नोबेल हासिल करने वाले भारतीय अथवा भारतीय मूल के सिर्फ दूसरे लेखक थे.
'द टाइम्स' ने दिया 7वां स्थान:
'द टाइम्स' ने वर्ष 2008 में 50 महान ब्रिटिश लेखकों की सूची में नायपॉल को 7वां स्थान दिया था.
उनके द्वारा लिखी कुछ मशहूर किताबें:
उनका पहला उपन्यास 'द मिस्टिक मैसर' वर्ष 1951 में प्रकाशित हुआ था. वर्ष 1961 में प्रकाशित 'अ हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास' उनकी सबसे मशहूर एवं लोकप्रिय किताब है. इस उपन्यास से सिर्फ 31 वर्ष की उम्र में नायपॉल पूरी दुनिया में मशहूर हो गए. उनको 'मास्टर ऑफ इंग्लिश' भी कहा जाता है.
इसके अलावा 'द मिमिक मेन' (वर्ष 1967), 'इन ए फ्री स्टेट' (वर्ष 1971), 'गुरिल्लाज' (वर्ष 1975), 'ए बेंड इन द रिवर' (वर्ष 1979), 'ए वे इन वर्ल्ड' (वर्ष 1994), 'द इनिग्मा ऑफ अराइवल' (वर्ष 1987), 'बियॉन्ड बिलिफ: इस्लामिक एक्सकर्जन अमंग द कन्वर्टेड पीपुल्स' (वर्ष 1998), 'हाफ ए लाइफ' (वर्ष 2001), 'द राइटर एंड द वर्ल्ड' (वर्ष 2002), 'लिटरेरी ऑकेजन्स (वर्ष 2003), 'द नॉवेल मैजिक सीड्स' (वर्ष 2004) आदि उनकी मशहूर रचनाओं में शामिल हैं.
वी.एस. नायपॉल के बारे में:
- वी.एस. नायपॉल का पूरा नाम विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल था.
- वी.एस. नायपॉल का जन्म 17 अगस्त 1932 को त्रिनिदाद में एक भारतीय हिंदू परिवार में हुआ था. उनका बचपन बेहद गरीबी और अभाव में बीता था.
- वे 18 साल का होने पर छात्रवृत्ति हासिल कर ऑक्सफोर्ड में पढ़ने के लिए चले गए थे. वे यूनिवर्सिटी कॉलेज, ऑक्सफोड में पढ़ाई करने के बाद इंग्लैंड में बस गए थे.
- उन्हें लेखन की दुनिया में काफी प्रसिद्धि हासिल है.
- नायपॉल अनेक बार भारत आए और उनकी अंतिम यात्रा जनवरी 2015 में जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल के लिए थी.
- उन्होंने दुनिया के अनेक देशों की कई यात्राएं की. कई पुस्तकें, यात्रा-वृतांत और निबंध लिखे हैं.
- नायपॉल ने पहली शादी पेट्रीसिया एन हेल से वर्ष 1955 में की थी लेकिन वर्ष 1996 में पेट्रीसिया का निधन हो गया और उसी वर्ष नायपॉल ने पाकिस्तानी पत्रकार नादिरा अल्वी से विवाह कर लिया था.
- अपने सबसे चर्चित उपन्यास ‘ए हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास’ को लिखने में उन्हें तीन साल से ज्यादा का समय लगा था.
- नायपॉल ने भारत के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता जैसे विषयों पर 'एन एरिया ऑफ़ डार्कनेस' और 'ए वुंडेड सिविलाइज़ेशन' जैसी किताबें लिखें थे.
नोबेल पुरस्कार के बारे में:
नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में वर्ष 1901 में शुरू किया गया. इसका उद्देश्य नोबेल पुरस्कारों का आर्थिक रूप से संचालन करना है. यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है. इस पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 14 लाख डालर की राशि प्रदान की जाती है. अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1968 से की गई. नोबेल फाउंडेशन मे 5 लोगों की टीम है जिसका मुखिया स्वीडन की किंग ऑफ काउन्सिल द्वारा तय किया जाता है अन्य चार सदस्य पुरस्कार वितरक संस्थान के न्यासी (ट्रस्टियों) द्वारा तय किए जाते हैं.
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