संसद ने खनिज पदार्थ कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया

Mar 13, 2020, 10:10 IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विधेयक में संशोधन समय की जरूरत है. ये संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखकर किए गए हैं.

Parliament approves Mineral Laws Amendment Bill 2020 in hindi
Parliament approves Mineral Laws Amendment Bill 2020 in hindi

संसद ने 12 मार्च 2020 को खनिज कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 को मंजूरी दे दी. राज्‍यसभा ने 12 मार्च 2020 को इस विधेयक को पारित किया, जबकि लोकसभा 06 मार्च 2020 को इसे पारित कर चुकी है. इससे कोयला और खनन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) बढ़ने के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

विधेयक के पक्ष में 83 तथा विरोध में 12 सदस्यों ने मतदान किया. इससे अब देश-विदेश की सभी कंपनियों को भारत में कोयले के खनन के साथ अंतिम उपयोग की शर्त के बिना कोयले की नीलामी में भाग लेने का हक मिल गया है. कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि संशोधित कानून से कोयला क्षेत्र पूरी तरह बदल जाएगा.

खनिज कानून (संशोधन) विधेयक, 2020

खनिज पदार्थ कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 भारतीय कोयला और खनन क्षेत्र विशेषकर कारोबार को सुगम बनाने को बढ़ावा देने हेतु एक नये युग की शुरुआत करेगा. इस विधेयक के पारित हो जाने से देश के खनन क्षेत्र में बदलाव आने के साथ कोयला उत्‍पादन बढ़ेगा तथा आयात पर निर्भरता कम होगी.

संशोधित प्रावधानों में स्‍पष्‍ट व्‍यवस्‍था है कि ऐसी कंपनियां जिनके पास भारत में कोयला खनन का पहले से अनुभव नहीं है और उन्‍हें अन्‍य खनिज पदार्थों अथवा अन्‍य देशों में खनन का अनुभव है, वे कोयले/लिग्‍नाइट ब्‍लॉकों की नीलामी में भाग ले सकते हैं. इससे न केवल कोयला/लिग्‍नाइट ब्‍लॉक की नीलामियों में भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि कोयला क्षेत्र में एफडीआई नीति के कार्यानवयन को सरल बनाया जा सकेगा.

अब, जो कंपनियां किसी विशिष्‍ट प्रकार के अंतिम इस्‍तेमाल में शामिल नहीं हैं, वे अनुसूची II और III कोयला खानों की नीलामी में भाग ले सकती हैं. अंतिम इस्‍तेमाल की बाधा हटने से विभिन्‍न उद्देश्‍यों जैसे अपने उपभोग, बिक्री अथवा किसी अन्‍य उद्देश्‍य, केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्‍ट कोयला खानों की नीलामी में व्‍यापक भागीदारी की अनुमति दी जा सकेगी.

इससे होने वाले लाभ

विधेयक में कोयला/लिग्‍नाइट के लिए लाइसेंस और खनन पट्टे (पीएल-और-एमएल) की इजाजत देने की व्‍यवस्‍था है जिससे कोयला एवं लिग्‍नाइट ब्‍लॉकों की उपलब्‍धता बढ़ेगी तथा विस्‍तृत भौगोलिक वितरण में अलग-अलग ग्रेड के कोयला ब्‍लॉक आवंटन हेतु उपलब्‍ध होंगे.

संशोधनों के साथ, नए पट्टे के अनुदान की तारीख से दो साल की अवधि हेतु अन्‍य मंजूरियों के साथ पर्यावरण और वन मंजूरी स्‍वत: खनिज ब्लॉकों के नए मालिकों को हस्तांतरित हो जाएगी. यह नए मालिकों को परेशानी मुक्त खनन कार्य जारी रखने की अनुमति देगा. अवधि के दौरान, वे दो साल की अवधि अधिक नए लाइसेंस हेतु आवेदन कर सकते हैं.

अब पट्टे की अवधि की समाप्ति से पहले खानों के पट्टे की नीलामी शुरू की जा सकती है. यह राज्य सरकार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी हेतु अग्रिम कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगा ताकि मौजूदा पट्टे की अवधि समाप्त होने से पहले नए पट्टे धारक का फैसला किया जा सके. इससे देश में खनिजों के निर्बाध उत्पादन में सहायता मिलेगी.

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Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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