भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 13 मार्च 2017 से बचत खाते पर रकम निकासी सीमा को समाप्त कर दिया है. 13 मार्च 2017 से नोटबंदी के बाद विभिन्न खातों से निकासी पर लगाई गई सभी प्रकार की सीमाएं भी समाप्त कर दी. अब तक बचत खातों से हर सप्ताह अधिकतम 50 हजार रुपये ही निकाले जा सकते थे.
देश में व्याप्त काले धन और नकली कैरेंसी को रोकने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे 500 और 1000 रूपए के पुराने नोटों को चलन बंद कर दिया था.
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक शाखाओं और एटीएम से नकदी की निकासी पर कई तरह की शर्तें भी लगा दी.
- 12 मार्च 2017 तक सेविंग खातों से नकद निकासी की सीमा 24 हजार रुपए थी. एटीएम से निकाली जाने वाली धनराशि बचत खाते से निकासी में गिना जाता है.
- 13 मार्च 2017 से बचत खाते से नकद निकासी की सीमा को भी खत्म कर दिया गया.
- चालू खातों, ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट खातों से निकासी की सीमा 30 जनवरी को ही समाप्त कर दी गई.
- बचत खातों हेतु एक फरवरी से लोगों को अपने खातों से सप्ताह में 24 हजार रुपये निकालने की छूट थी. इसके बाद 20 फरवरी को नियम जारी किया गया कि ग्राहक एक सप्ताह में 50 हजार रुपये निकाल सकते हैं.
- आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद एटीएम से 2000 रुपए रोजाना निकालने की अनुमति थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 2500 रुपए किया गया.
- इस सीमा को 31 दिसंबर 2016 को रिवाइज किया गया और 1 जनवरी 2017 से लागू नियम के मुताबिक एटीएम से निकासी की सीमा बढ़ाकर 4500 प्रतिदिन कर दी गई.
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