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टॉप कैबिनेट मंजूरी: 11 अक्टूबर 2018

Oct 11, 2018 12:54 IST

1. मंत्रिमंडल ने एनसीवीटी और एनएसडीए को मिलाकर एनसीवीईटी की स्थापना को मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कौशल विकास के मद्देनजर मौजूदा नियामक संस्थानों राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए) को मिलाकर राष्ट्रीय व्यावसायी शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की स्थापना को मंजूरी दे दी है.

•   एनसीवीईटी दीर्घकालीन और अल्पकालीन दोनों तरह के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के काम में लगे निकायों के कामकाज को नियमित करेगा तथा इन निकायों के कामकाज के लिए न्यूनतम मानक तैयार करेगा.

•   इस संस्थागत सुधार से गुणवत्ता दुरुस्त होगी, कौशल विकास कार्यक्रमों की बाजार प्रासंगिकता बढ़ेगी, जिसके मद्देनजर व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण की साख में इजाफा होगा. इसके अलावा कौशल क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ेगी.

•   एनसीवीईटी भारत की कौशल ईको-प्रणाली की एक नियामक संस्था है, जिसका देश में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में संलग्न सभी व्यक्तियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. कौशल आधारित शिक्षा के विचार को आकांक्षी आचरण के रूप में देखा जाएगा, जिससे छात्रों को कौशल आधारित शैक्षिक पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने का प्रोत्साहन मिलेगा.

•   भारत की जनसांख्यिकीय विशेषता के उपयोग संबंधी प्रयासों को ध्यान में रखते हुए उसकी श्रमशक्ति के लिए आवश्यक हो गया है कि उसे रोजगार प्राप्त करने के योग्य कौशलों एवं ज्ञान से लैस किया जाए, ताकि वह ठोस तरीके से आर्थिक विकास में योगदान कर सके.

 

2. केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यटन के क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यटन के क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच समझौता ज्ञापन को पूर्व प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है. सितंबर 2018 में भारत के उपराष्ट्रपति की रोमानिया यात्रा के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे.

•   समझौता ज्ञापन के प्रमुख उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार, पर्यटन से संबंधित सूचना और डाटा का आदान-प्रदान, होटलों तथा टूर-ऑपरेटरों सहित सभी पर्यटन हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन देना, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में निवेश, टूर-ऑपरेटरों/मीडिया तथा दोतरफा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए जनमत बनाने वालों की एक-दूसरे देशों में यात्रा और दोनों देशों के आकर्षक पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहन देने के लिए फिल्म पर्यटन के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग में तेजी लाना हैं.

•   रोमानिया में भारत के लिए पर्यटन की आपार क्षमता है. रोमानिया के साथ इस समझौता ज्ञापन से पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी.

•   भारत और रोमानिया के बीच मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध है. दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत तथा विकसित करना चाहते है. इसीलिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और रोमानिया के पर्यटन विभाग ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.

 

3. मंत्रिमडल ने कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में सहयोग हेतु भारत और लेबनान के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत और लेबनान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी है. कृषि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग से दोनों देशों को पारस्परिक लाभ मिलेगा.

•   समझौता ज्ञापन दोनों देशों में श्रेष्ठ कृषि व्यवहारों की समझदारी में प्रोत्साहन देगा तथा किसानों की उत्पादकता बढ़ाने तथा विश्व बाजार सुधारने में सहायक होगा.

•   समझौता ज्ञापन से एक-दूसरे के श्रेष्ठ व्यवहारों को अपनाकर तथा विश्व के बाजार में पहुंच बनाकर कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में नवाचारी तकनीक का उपयोग होगा और परिणामस्वरूप खाद्य सुरक्षा में मजबूती आएगी.

 

4. केन्द्रीय मंत्रिमडल ने रेल कर्मचारियों के लिए उत्पादकता से जुड़े बोनस की स्वीकृति दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए सभी पात्र अराजपत्रित रेल कर्मचारियों (आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को छोड़कर) को 78 दिन के वेतन के बराबर उत्पादकता से जुड़ा बोनस (पीएलबी) के भुगतान को अपनी स्वीकृति दे दी है.

•   रेल कर्मचारियों के 78 दिनों के पीएलबी भुगतान पर 2044.31 करोड़ रुपये खर्च होंगे. पात्र अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को पीएलबी भुगतान के लिए वेतन गणना सीमा 7000 रुपये प्रति माह निर्धारित है.

•   78 दिनों के लिए प्रत्येक पात्र रेल कर्मचारी को 17,951 रुपये का अधिकतम भुगतान देय होगा. इस निर्णय से लगभग 11.91 लाख अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. रेलवे का उत्पादकता से जुड़ा बोनस पूरे देश के सभी अराजपत्रित रेल कर्मचारी (आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को छोड़कर) को कवर करता है.

•   रेलवे भारत सरकार का पहला प्रतिष्ठान है जहां 1971-80 में उत्पादकता से जुड़ा बोनस देना प्रारंभ किया गया था. उस समय विचार का प्रमुख विषय यह था कि अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में ढांचागत समर्थन देने में रेलवे की भूमिका महत्वपूर्ण है.

 

5. मंत्रिमंडल ने पर्यावरण योगदान हेतु भारत और फिनलैंड के बीच समझौता-ज्ञापन को मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यावरण योगदान के लिए भारत और फिनलैंड के बीच समझौता-ज्ञापन को मंजूरी दे दी है. इस समझौता-ज्ञापन से दोनों देशों के बीच समानता, आदान-प्रदान और पारस्परिक लाभ के आधार पर पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए दीर्घकालीन सहयोग तथा नजदीकी प्रोत्साहन को बल मिलेगा.

•   समझौता ज्ञापन से आशा की जाती है कि इसके जरिए बेहतर पर्यावरण सुरक्षा, बेहतर संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के बेहतर प्रबंधन और वन्यजीव सुरक्षा/संरक्षण के क्षेत्र में आधुनिक प्रौद्योगिकियों एवं उत्कृष्ट व्यवहारों को प्राप्त किया जा सकेगा.

•   पर्यावरण की बढ़ती हुई समस्या सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे पूरी दुनिया को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. भारत विस्तृत तटीय रेखा और समृद्ध जैव-विविधता से भरपूर विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. फिनलैंड में वायु और जल प्रदूषण जैसी प्रमुख पर्यावरण समस्याएं हैं. इनके अलावा वहां वन्यजीव संरक्षण की भी समस्या है.

 

6. मंत्रिमडल ने तिरुपति और बेरहामपुर में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान के स्‍थायी परिसरों की स्‍थापना को मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने तिरुपति (आंध्र प्रदेश) तथा बेरहामपुर (ओडिशा) में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान (आईआईएसईआर) के नये परिसरों की स्‍थापना और संचालन को अपनी स्‍वीकृति दे दी है. इस पर 3074.12 करोड़ रुपये (गैर आवर्ती 2366.48 करोड़ रुपये तथा आवर्ती 707.64 करोड़ रुपये) की लागत आएगी.

•   मंत्रिमंडल ने  प्रत्‍येक आईआईएसईआर में सातवें सीपीसी के स्‍तर 14 में रजिस्‍ट्रार के दो पदों के सृजन के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. कुल 3074.12 करोड़ रुपये का लागत मूल्‍यांकन किया गया है. प्रत्‍येक आईआईएसईआर में 1855 विद्यार्थियों के लिए दोनों परिसर 1,17,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाए जाएंगे जिसमें सभी आधारभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.

•   दोनों संस्‍थानों के स्‍थायी परिसरों का निर्माण दिसम्‍बर 2021 तक पूरा होगा. भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान (आईआईएसईआर) स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर स्‍तरों पीएचडी और एकीकृत पीएचडी पाठ्यक्रम में उच्‍चस्‍तरीय विज्ञान शिक्षा प्रदान करेंगे. दोनों संस्‍थान विज्ञान के अग्रणी क्षेत्रों में शोध कार्य करेंगे.

•   आईआईएसईआर तिरुपति 2015 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के अनुसार स्‍थापित किया गया जबकि आईआईएसईआर बेरहामपुर की स्‍थापना 2016 में हुई. केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने 2015 के अपने बजट भाषण में इसकी स्‍थापना की घोषणा की थी. दोनों संस्‍थान अभी अस्‍थायी परिसरों से काम कर रहे हैं.

 

7. मंत्रिमडल ने नेशनल जूट मैन्युफैक्चर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड तथा इसकी सहायक कम्पनी बर्ड्स जूट एंड एक्स्पोर्ट्स लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दी

•   केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल जूट मैन्युफैक्चर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड तथा इसकी सहायक कम्पनी बर्ड्स जूट एंड एक्स्पोर्ट्स लिमिटेड को बंद करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है.

•   तयशुदा परिसंपत्तियों और चालू परिसंपत्तियों का निष्पादन 14/06/2018 के डीपीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा और देनदारियों को पूरा करने के बाद परिसंपत्तियों की बिक्री से हुई प्राप्तियां भारत की संचित निधि में जमा कराई जाएंगी.

•   वस्त्र मंत्रालय का बीजेईएल की किसी जमीन या भवन का उपयोग अपने लिए या अपनी किसी सार्वजनिक प्रतिष्ठान के लिए करने का प्रस्ताव नहीं है तथा इसकी सूचना भूमि प्रबंधन एजेंसी को प्रत्यक्ष रूप से दी जाएगी.

•   इस निर्णय से सरकारी कोष को दोनों बीमार सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को चलाने में आ रहे आवर्ती खर्च को कम करने का लाभ मिलेगा. इस प्रस्ताव से घाटे में चलने वाली कम्पनियों को बंद करने में मदद मिलेगी और उपयोगी कार्य के लिए या विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए मूल्यवान परिसंपत्तियों को जारी करना सुनिश्चित होगा.

•   एनजेएमसी अनेक वर्षों से घाटे में चल रही है और 1993 से इसे बीआईएफआर को विचार के लिए भेजा गया है. कम्पनी का प्रमुख उत्पाद बोरी थी जिसका इस्तेमाल विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अनाज के पैकेजिंग के लिए की जाती थी. कई वर्षों से जूट की बोरी की मांग में कमी आ रही है और पाया गया है कि कम्पनी चलाने के लिए यह वाणिज्यिक रूप से लाभदायक नहीं है.

 

8. मंत्रिमंडल ने बाइको लॉरी लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दी

•   आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने बाइको लॉरी लिमिटेड (बीएलएल) को बंद करने की मंजूरी दे दी है. इस प्रक्रिया में कंपनी के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना (वीआरएस)/ स्वैच्छिक वियोजन योजना (वीएसएस) शामिल है.

•   सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त देनदारियों के निष्पादन के बाद बीएलएल की निष्क्रिय परिसंपत्तियों का उत्पादक उपयोग किया जाएगा. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कंपनी को दोबारा चालू करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए. बहरहाल, कंपनी को दोबारा चालू नहीं किया जा सका.

•   कंपनी को लगातार घाटा होता रहा, जिसके कारण उसे आगे चलाना नुकसानदेह हो गया था. इसके अतिरिक्त अनिश्चित भविष्य के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में निराशा पैदा हो रही थी.

•   कंपनी लगातार वित्तीय दबाव में थी और कामकाज संबंधी समस्याओं से भी जूझ रही थी. पिछले कई वर्षों से कंपनी को घाटा हो रहा था. बीएलएल का संचित घाटा उसकी इक्विटी से अधिक हो गया था और शुद्ध संपत्ति ऋणात्मक हो गई थी.

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