टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 11 मार्च 2020 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से-भारतीय रेल मंत्रालय और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.
केंद्र सरकार ने किसान रेल चलाने से संबंधित तैयारियों हेतु समिति का गठन किया
इस समिति में कृषि और रेल मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं. समिति जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं के लिए कोल्ड चैन उपलब्ध कराने पर भी विचार करेगी और इसके लिए प्रशीतित युक्त कोच वाली एक्सप्रेस और मालगाडी चलाई जा सकती है.
रेलवे किसानों के उत्पादों को तेजी से देश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने हेतु बड़ी संख्या में ट्रेने चलाने की तैयारी कर रहा है. भारतीय रेलवे किसानों हेतु किसान रेल बनाएगी, जो साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता करेगी.
Asia के सबसे अमीर शख्स बने जैक मा, मुकेश अंबानी से छीना नंबर-1 का ताज
चीन के उद्योगपति और अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड के संस्थापक जैक मा, अंबानी को पछाड़कर एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. मुकेश अंबानी की दौलत 5.8 अरब डॉलर घटने के कारण से उन्होंने एशिया में सबसे अमीर होने का ताज अपने सिर से खो दिया है.
मुकेश अंबानी अब दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. गौरतलब है कि तेल के दामों में गिरावट और वैश्विक बाजार में गिरावट का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की संपत्ति पर पड़ा है. जैक मा के पास कुल 44.5 अरब डॉलर की संपत्ति है.
कोरोना वायरस: पाकिस्तान में COVID-19 के 2 और मामले, कुल संख्या हुई 18
पाकिस्तान में कोरोना वायरस (Corona Virus) से सर्वाधिक प्रभावित प्रांत सिंध में इस बीमारी के दो और मामले सामने आए हैं. इसके साथ पाकिस्तान में इस बीमारी के शिकार कुल लोगों की संख्या अब 18 हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से 15 का संबंध सिंध से है.
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में पहली मौत की पुष्टि की है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा कि कोरोना वायरस (COVID-19) के लंबे समय तक प्रकोप का असर भारतीय उद्योग पर पड़ेगा, जिसे गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ेगा.
UNSC ने अमेरिका-तालिबान शांति समझौते का किया समर्थन
अमेरिका और तालिबान के बीच 29 फरवरी को दोहा में समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे. यूएनएससी के सभी 15 सदस्यों ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का 10 मार्च 2020 को समर्थन किया. यह समझौता अफगानिस्तान में शांति का मार्ग प्रशस्त करने हेतु है.
तालिबान ने हाल ही में कहा था कि वे अब भी अफगानिस्तान के 'वैध शासक' हैं और यह उनका कर्तव्य है कि वे साल 2001 में अमेरिकी फौज द्वारा बेदखल किए जाने से पहले की 'इस्लामी सरकार' को फिर से बहाल करें. दोनों पक्षों ने लगभग 18 महीने की वार्ता के बाद इस शांति समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं.
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