टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 14 जुलाई 2020 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.
Income Tax Department ने शुरू की कैश निकालने पर TDS दरों का पता लगाने की सुविधा
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस सुविधा का ब्यौरा देते हुए कहा कि अब बैंक या डाकघर को टीडीएस दर का पता लगाने के लिए केवल उस व्यक्ति का पैन भरना होगा, जो नकद निकासी कर रहा है. बयान में कहा गया कि अभी तक इस सुविधा के तहत 53,000 से ज्यादा सत्यापन अनुरोधों को पूरा किया जा चुका है.
केंद्र सरकार ने नकद लेनदेन को हतोत्साहित करने के लिए बैंकों या डाकघरों से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस लगाने की व्यवस्था की है. आय से टैक्स काटकर अगर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं.
भारत ब्रिटेन के लिए FDI का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 462 परियोजनाओं और 20,131 नौकरियों की व्यवस्था करके यूके के लिए FDI के प्रथम स्रोत के तौर पर खुद को बनाए रखा है. इसके बाद भारत, जर्मनी, फ्रांस, चीन और होंगकोंग का स्थान है. न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यहां कुल 72 परियोजनायें हैं और बाल्टिक एवं नॉर्डिक क्षेत्र की कूल परियोजनाएं बढ़कर 134 हो गई हैं.
यूके इंटरनेशनल ट्रेड सेक्रेटरी लिज़ ट्रस ने वार्षिक इंडिया ग्लोबल वीक 2020 के वर्चुअल समिट को संबोधित करते हुए कहा कि, कोविड -19 संकट के बीच, अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने और व्यापार-मार्गों को जीवित रखने के लिए यूके भारत के साथ काम कर रहा है.
हरियाणा में बनेगा 20,000 करोड़ का आर्थिक कॉरिडोर, नितिन गडकरी ने किया शिलान्यास
केंद्र ने इन परियोजनाओं से राज्य में आर्थिक गलियारे के निर्माण की बात कही है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आठ नेशनल हाईवे समेत 11 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, हरियाणा के सांसद मौजूद रहे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इनके साथ लगभग 1500 करोड़ रुपये के लागत वाले 46 किलोमीटर लंबे रेवाड़ी-पटौदी गुड़गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 352 डब्लू का भी शिलान्यास किया. छह लेन के बनने वाले ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी-दादरी, भिवानी के लोगों का सीधा जुड़ाव चंडीगढ़ से हो जाएगा.
ईरान ने भारत को चाबहार रेल परियोजना से हटाया, जानें क्या है कारण
भारत के लिए ईरान का यह फैसला सामरिक और रणनीतिक तौर पर बड़ा झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि ईरान और चीन के बीच 400 बिलियन डॉलर की एक महाडील होने वाली है. माना जा रहा है कि इस डील के चलते ही ईरान ने चाबहार परियोजना से भारत को बाहर कर दिया है.
ईरान ने भारत द्वारा प्रोजेक्ट की फंडिंग में देरी किए जाने को इसकी वजह बताया है. ईरान ने आरोप लगाया है कि समझौते के चार साल बीत जाने के बाद भी भारत इस परियोजना के लिए फंड नहीं दे रहा है. ऐसे में अब वह खुद ही इस परियोजना को पूरा करेगा. चीन से समझौता होने के बाद ईरान के मूलभूत ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स बीजिंग ही पूरे करेगा.
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