Rare astronomical event: ब्रह्मांड में इस हफ्ते बेहद दुर्लभ संयोग होने जा रहा है. बता दें इसे खुली आंखों से देखा जा सकता है. इस सप्ताह शनि, मंगल, शुक्र और बृहस्पति एक लाइन में रहेंगे. यह नजारा इससे पहले 947 AD में दिखाई दिया था. यह दुर्लभ खगोलीय नजारा संभवत: 1000 साल बाद देखने का मौका मिलेगा.
In early April, Venus, Mars, and Saturn form a trio in the sky. Not to be left out, catch Jupiter similarly close to Venus on April 30.
— NASA (@NASA) March 31, 2022
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पठानी सामंत तारामंडल ग्रह परेड के उप निदेशक डॉ. एस पटनायक ने बताया कि इस सप्ताह परेड में शनि, मंगल, शुक्र और बृहस्पति (Saturn, Mars, Venus & Jupiter) एक लाइन में रहेंगे. यह दुर्लभ संयोजन इससे पहले 947 AD में हुआ था. इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है. बता दें यह संयोजन सूर्योदय से एक घंटे पहले पूर्वी आकाश में दिखाई देगा.
इस देश में यह खूबसूरत नजारा दिख सकता है
इस खूबसूरत नजारे को उत्तरी गोलार्ध यानी इक्वेटर लाइन के ऊपरी हिस्से के देश देख सकेंगे. यह नजारा भारत में भी आसानी से दिख सकता है. हालांकि, शर्त बस इतनी है कि उस समय आसमान प्रदूषण मुक्त हो.
Saturn, Mars, Venus&Jupiter will align in a parade this week. It's a rare combination, same took place in 947 AD*. It can be seen with naked eye. Will appear in eastern sky before an hr the sunrise:Dr S Pattnaik, Dy Director, Pathani Samanta Planetarium on planetary parade(26.04) pic.twitter.com/5ifIq138ag
— ANI (@ANI) April 26, 2022
दूसरे ग्रहों की स्थिति
जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी का कहना है कि ग्रहों के इस तरह से पंक्तिबद्ध होने का मतलब ये कतई नहीं है कि ये सारे ग्रह एक-दूसरे के काफी नजदीक आने वाले हैं. यह अभी भी अंतरिक्ष में एक-दूसरे से अरबों किलोमीटर दूर ही बने रहेंगे. दरअसल, यह खगोलीय स्थिति इसीलिए पैदा हो रही है कि सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी अपनी कक्षा में लगातार घूम रही है और इस कारण से महीने-दर-महीने इससे दूसरे ग्रहों की स्थिति बदल रही है.
यह ग्रह आसानी से देखा जा सकता है
आकाश में पूर्व दिशा की तरफ बिना किसी यंत्र या दूरबीन के इस ग्रहों की चौकड़ी को आसानी से देखा जा सकता है. इसके बाद अन्य खगोलीय घटनाक्रम में चार ग्रहों के साथ चंद्रमा भी इस संरेखण में शामिल हो जाएगा. यह विशिष्ट खगोलीय नजारा बृहस्पति के इर्द-गिर्द होगा. इस दौरान खगोलविद टूटते तारों पर भी नजर रखेंगे.
जानिए इन चार ग्रहों के बारे में
शनि सौरमंडल का छठां ग्रह है तथा बृहस्पति के बाद सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह हैं. इस ग्रह के चारों ओर पाए जाने वाले रिंग सिस्टम के वजह से ही इसे सौरमंडल का सबसे आकर्षित ग्रह कहा जाता है.
बृहस्पति हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है. इस ग्रह को भारत में 'गुरु' के नाम से भी जाना जाता है.
मंगल ग्रह का रंग लाल है इसलिए इसे लाल ग्रह भी कहते हैं. पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह मंगल ग्रह है.
शुक्र सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकटतम ग्रहो में से एक है. शुक्र अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की तरफ घूमता है जिसकी घूर्णन दिशा Uranus के घूमने की दिशा के समान है.
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