केंद्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 23 मार्च 2016 को ई-कचरा (प्रबंधन तथा निपटान) नियम, 2011 के अधिक्रमण में ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2016 को अधिसूचित किया.
इस नियम के तहत विभिन्न उत्पादक पृथ्क उत्पादक दायित्व संगठन (पीआरओ) रख सकते हैं और ई-कचरा इकट्ठा करने तथा पर्यावरण के तरीकों के अनुसार इसका निष्पादन सुनश्चित करेंगे.
ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2016 की विशेषताएं
• यह नियम विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) के अंतर्गत उत्पादकों को लाएंगे और इनके लक्ष्य भी तय होंगे.
• ई-कचरा नियमों में कंपैक्ट फ्लोरेसेंट लैम्प (सीएफएल) तथा मरकरी वाले अन्य लैम्प और ऐसे उपकरण शामिल किए जाएंगे.
• ई-कचरा नियमों के तहत उत्पादकों को ई–कचरा इकट्ठा करने और आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार बनाया गया है.
• बड़े उपभोक्ताओं को कचरा इकट्ठा करना होगा और अधिकृत रूप से रिसाइक्लिंग करने वालों को देना होगा.
• नष्ट करने तथा रिसाइकिल करने के काम में शामिल श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कौशल विकास सुनिश्चित करने की भूमिका राज्य सरकारों की है. नियमों के उल्लंघन करने पर दण्ड का भी प्रावधान किया गया.
• ई-कचरे को नष्ट करने और रिसाइकिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. यह प्रक्रिया एक प्राधिकरण केन्द्र प्रणाली से सरल बनाई गई है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पूरे देश में एकल प्राधिकार देगा.
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