देश में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के अनुरूप, केंद्रीय इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ‘स्वच्छ विद्यालय अभियान’ के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित किया. इसकी घोषणा 24 सितंबर 2014 को की गई. यह धन इस्पात मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से लिया जाएगा.
स्वच्छ विद्यालय अभियान कोष’ इस्पात मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों - सेल, एनडीएमसी, आरआइएनएल, एमओआइएल, एमइसीओएन, एमएसटीसी, केआइओसीएल और एफएसएनएल का होगा.
इस परियोजना के लिए देश भर के विभिन्न राज्यों में करीब 3000 विद्यालय चुने गए हैं.
नरेंद्र सिंह तोमर ने स्वच्छ भारत - स्वच्छ विद्यालय अभियान में प्रगति का आकलन करने के लिए उद्योग भवन में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सीएमडी के साथ समीक्षा बैठक में इस बात पर बल दिया कि साफ-सफाई को जीवन शैली के रूप में अपनाना चाहिए. इसलिए स्वच्छता को एक बारगी गतिविधि के रूप में नहीं बल्कि वर्ष भर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में लेना चाहिए.
इस्पात मंत्रालय ‘स्वच्छ विद्यालय अभियान’ को सफल बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के साथ काम कर रहा है. स्वच्छ भारत अभियान 25 सितंबर2014 से आरंभ हुआ. मंत्रालय के कर्मचारी और अधिकारी इस मिशन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के लिए एक घंटे का श्रमदान करेंगे.
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