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भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोरः तथ्यों पर एक नजर

आमतौर पर ज्यादातर लोग मोर शब्द का प्रयोग नर और मादा दोनों ही पक्षियों के लिए करते हैं लेकिन मोर वास्तव में ‘नर मोर’ होता है। मोर, तीतर परिवार का होता है। ये पक्षी मूल रूप से एशिया के निवासी हैं। मोर की दो प्रजातियां हैं– भारतीय मोर और हरा मोर (Green Peafowl)। आवास के खत्म होने, तस्करी और शिकार के कारण दोनों ही प्रकार की प्रजातियां लुप्तप्राय प्रजातियों (endangered species) की सूची में रखी गईं हैं। मोर, भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।
Jul 8, 2016 17:11 IST
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आमतौर पर ज्यादातर लोग "मोर" शब्द का प्रयोग नर और मादा दोनों ही पक्षियों के लिए करते हैं लेकिन मोर वास्तव में ‘नर मोर’ होता है। मोर, तीतर परिवार का होता है। ये पक्षी मूल रूप से एशिया के निवासी हैं। मोर की दो प्रजातियां हैं– भारतीय मोर और हरा मोर (Green Peafowl)। आवास के खत्म होने, तस्करी और शिकार के कारण दोनों ही प्रकार की प्रजातियां लुप्तप्राय प्रजातियों (endangered species) की सूची में रखी गईं हैं। मोर, भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।

नाचता मोर (Dancing Peacock):

Jagranjosh

संभोग की स्थिति में मोरः (Mating Peacock)

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विश्व विरासत स्थल

मोरः तथ्यों पर एक नजर

1. "मोर" आमतौर पर तीतर परिवार के पक्षी– मोर के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन वास्तव में  "मोर" सिर्फ एक रंगीन पंखदार ‘नर मोर’ का नाम होता है।

2. मादाओं को मोरनी (peahens) कहा जाता है, ये छोटी होती है और इनका रंग ग्रे या भूरा होता है।

3. मोर (peafowl) के कुल को बेवी (bevy) कहा जाता है।

4. मोर (peafowl) के समूह को पार्टी (party) कहा जाता है।

5. खूबसूरत और रंगीन पूंछ सिर्फ नर के होते हैं।

6. सिर्फ नर वास्तविक मोर होते हैं।

7. शिशु मोर का नाम पीचीक (peachick) होता है।

8. मोर को तीन प्रजातियों में बांटा जाता है– भारतीय, हरा और कांगो।

9. भारतीय मोर सबसे सामान्य प्रकार का मोर होता है जो दुनिया के कई चिड़ियाघरों और उद्यानों में पाया जाता है। यह दक्षिण एशियाई क्षेत्रों – पाकिस्तान, श्रीलंका और भारत में पाया जाता है।

10. यह भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।

11. मोर के नाचने का मुख्य उद्देश्य मोरनी को आकर्षित करना और उसे संभोग के लिए मनाना है।

12. प्रदर्शन उत्सव के दौरान मोर अपने पंखों को पंखे के रूप में फैला लेता है जो लंबाई में करीब 2 मीटर तक होते हैं।

13. मोर के पंख उसके कुल शरीर की लंबाई का 60 फीसदी होता है और पंख के फैलाव के साथ 5 फीट।

14. मोर 20 वर्षों से अधिक तक जीवित रह सकता है। 5 से 6 वर्ष के होने पर मोर अधिक आकर्षक दिखते हैं।

15. मोरों के पैरों में जाली (स्पर) होते हैं। मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल अन्य नरों से लड़ाई करने में किया जाता है।

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16. मोर सर्वाहारी होते हैं, ये कई प्रकार के पौधे, फूलों की पत्तियां, बीज, कीड़े–मकोड़े और छिपकली जैसे छोटे सरीसृप खाते हैं।

17. अपने बड़े पंखों के बावजूद ये उड़ सकते हैं।

18. ये उड़ने वाले सबसे बड़े पक्षियों में से एक हैं। इनकी लंबाई (पूंछ समेत) 5 फीट तक हो सकती है। इनका वजन 8-13 पाउंड के बीच हो सकता है।

19. ये सर्वाहारी (पौधे और जीव– जंतु दोनों खाने वाले) होते हैं। ये पौधों, फूलों की पत्तियों, बीज, कीड़े– मकोड़े, संधिपाद प्राणी और उभयचर जीवों को खाना पसंद करते हैं।

20. उनके मुख्य शिकारी हैं बाघ, तेंदुआ और नेवला। जब इन्हें खतरे का आभास होता है तो ये उड़कर पेड़ों में छिप जाते हैं। खुद की रक्षा करने के लिए ये रात पेड़ों पर बिताते हैं।

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21. जब भी आप देखने का कोण बदलेंगे, प्रकाश के परावर्तन के कारण उनके पूंछ का रंग अलग दिखेगा। पूंछ के पंखों पर आंखों जैसे धब्बे होते हैं जो लाल, हरे, सुनहरे पंखों से घिरे होते हैं।

22. मोरनी लंबाई, चौड़ाई और पूंछ के रंग के आधार पर अपना साथी चुनती हैं।

23. मोर बहुसहचर (एक से अधिक मादा के साथ संभोग करने वाला) होते हैं और आम तौर पर उनके हरम में 2–5 मादाएं होती हैं।

24. अकेले छोड़ दिए गए मोर बहुत उदास होते हैं और उनका दिल टूट जाता है।

25. मादाएं 3–5 अंडे देती हैं। युवा पक्षी 28 दिनों के बाद अंडे से बाहर निकलता है।

26. एक दिन पुराना शिशु मोर बिना किसी सहायता के टहल सकता है, खा और पी सकता है।

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