यूपी के इस जिले में है बरगद का 500 साल पुराना पेड़, दूर-दूर से लोग आते है देखने
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के नरौरा में 500 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ मौजूद है। वैज्ञानिकों ने कार्बन डेटिंग से इसकी उम्र तय की है। करीब 4069 वर्ग मीटर में फैला यह पेड़ सिर्फ चार जड़ों के सहारे संभला हुआ है और दूर-दूर से लोग इसे देखने आते हैं।
भारत जैव विविधता से समृद्ध देश है, जहां प्रकृति अपने भीतर अनगिनत रहस्य और अद्भुत धरोहरें समेटे हुए है। इन्हीं में से एक है 500 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में स्थित है। वैज्ञानिकों ने कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र का पता लगाया था। करीब 4069 वर्ग मीटर में फैले इस पेड़ को केवल चार मुख्य जड़ें संभाले हुए हैं, और इसे देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
मुगल दौर से आज तक बना है गवाह
Narora Banyan Tree: जब यह बरगद छोटा पौधा रहा होगा, तब भारत में मुगल शासन था। समय बदला, पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन यह पेड़ आज भी उसी शान से खड़ा है। साल 2023 में वैज्ञानिकों ने कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र को करीब 500 साल बताया है। इससे पहले हावड़ा का बरगद सबसे पुराना माना जाता था, लेकिन नरौरा के इस पेड़ ने अब नया रिकॉर्ड बना दिया है।
सिर्फ चार जड़ों के सहारे विशाल पेड़
इस बरगद की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी बनावट है। करीब 4069 वर्ग मीटर में फैले इस विशाल पेड़ को केवल चार मुख्य जड़ें संभाले हुए हैं। इतनी बड़ी छाया और इतना विशाल फैलाव होने के बावजूद इसका संतुलन आज भी कायम है। यही वजह है कि वैज्ञानिक भी इसे प्रकृति का अनोखा चमत्कार मानते हैं।
बना हुआ है प्रकृति का संगम
भारत में बरगद को “कल्पवृक्ष” कहा जाता है। हिंदू धर्म में इसे पूजनीय माना जाता है और लोग इसकी पूजा भी करते हैं। नरौरा का यह बरगद स्थानीय लोगों के लिए सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का संगम है।
दुनिया के बड़े बरगदों में शामिल
यह पेड़ दुनिया के विशाल बरगदों में दसवें स्थान पर माना जाता है। बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, प्रयागराज केंद्र की प्रभारी और वरिष्ठ विज्ञानी डा. आरती गर्ग के अनुसार, आंध्र प्रदेश का “थिम्मम्मा मारीमानू” आकार में इससे बड़ा है, लेकिन नरौरा का बरगद अपनी उम्र और बनावट की वजह से अलग पहचान रखता है। यही कारण है कि यह पेड़ अब भारत की प्राकृतिक धरोहर के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों खास है यह आर्टिकल
यह आर्टिकल सिर्फ एक पेड़ की कहानी नहीं बताता, बल्कि भारत की प्राकृतिक विरासत और इतिहास को जोड़ता है। 500 साल पुराने बरगद की वैज्ञानिक खोज, विशाल आकार और धार्मिक महत्व इसे बेहद रोचक और पाठकों के लिए खास बनाते हैं।
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