ब्रह्मपुत्र नदी भारत में किस स्थान से करती है प्रवेश? जानें नदी से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स

Last Updated: Aug 2, 2026, 18:06 IST

चीन के मेगा डैम प्रोजेक्ट के बाद ब्रह्मपुत्र नदी एक बार फिर चर्चा में है। इसका उद्गम तिब्बत के अंगसी ग्लेशियर से होता है और यह अरुणाचल प्रदेश के यांग्याप दर्रे से भारत में प्रवेश करती है। चलिए ब्रह्मपुत्र का पूरा सफर देखते है।

माजुली: ब्रह्मपुत्र की सबसे अनोखी पहचान
माजुली: ब्रह्मपुत्र की सबसे अनोखी पहचान

Brahmaputra River: ब्रह्मपुत्र नदी इन दिनों एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। वजह है चीन द्वारा तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी (Yarlung Tsangpo) पर दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना का निर्माण शुरू करना। यही नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने के बाद ब्रह्मपुत्र कहलाती है। चीन के इस मेगा प्रोजेक्ट ने भारत और बांग्लादेश जैसे निचले हिस्से (डाउनस्ट्रीम) वाले देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सवाल यह है कि क्या चीन भविष्य में ब्रह्मपुत्र के जल प्रवाह को प्रभावित कर सकता है? 

क्यों खास है चीन का यह मेगा प्रोजेक्ट?

चीन तिब्बत के मेडोग (Medog) क्षेत्र के पास यारलुंग त्सांगपो नदी के 'ग्रेट बेंड' पर दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बना रहा है। 

करीब 1.2 ट्रिलियन युआन (लगभग 167 अरब डॉलर) की लागत वाला यह प्रोजेक्ट दुनिया की सबसे महंगी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में गिना जा रहा है। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने इसे ‘प्रोजेक्ट ऑफ द सेंचुरी’ बताया है।

भारत को किस बात का डर?

चीन इस नदी के ऊपरी हिस्से (Upstream) में स्थित है, जबकि भारत और बांग्लादेश नीचे की ओर (Downstream) हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर भविष्य में चीन नदी के प्रवाह को नियंत्रित करता है, तो इसका असर भारत पर कितना पड़ेगा? 

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि इस प्रोजेक्ट के कारण सूखे के मौसम में ब्रह्मपुत्र का जल प्रवाह 85% तक कम हो सकता है। चीन का कहना है कि इससे निचले देशों के हित प्रभावित नहीं होंगे और वह भारत व बांग्लादेश के साथ संवाद जारी रखेगा।

आखिर ब्रह्मपुत्र की इतनी अहमियत क्यों?

ब्रह्मपुत्र केवल एक नदी नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की जीवनरेखा है। कृषि, पेयजल, मत्स्य पालन, जल परिवहन, बिजली उत्पादन और लाखों लोगों की आजीविका इसी नदी पर निर्भर करती है। असम की अर्थव्यवस्था और जैव विविधता के लिए भी यह नदी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कहां से निकलती है ब्रह्मपुत्र नदी?

ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत के अंगसी (Angsi) ग्लेशियर से होता है, जो कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के पास स्थित है। तिब्बत में इसे यारलुंग त्सांगपो कहा जाता है। यह नदी नामचा बरवा पर्वत के पास दुनिया की सबसे गहरी घाटियों में से एक त्सांगपो गॉर्ज से होकर बहती है।

भारत में कहां से करती है प्रवेश  

यह नदी अरुणाचल प्रदेश के यांग्याप पास (Yonggyap Pass) से भारत में प्रवेश करती है। यहां इसका नाम पहले सियांग (Siang) या दिहांग (Dihang) होता है। आगे चलकर असम में कई सहायक नदियों के मिलने के बाद यह ब्रह्मपुत्र के नाम से जानी जाती है। इसके बाद यह बांग्लादेश पहुंचती है और अंत में गंगा के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में समा जाती है। 

ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़े महत्वपूर्ण फैक्ट्स 

  • उद्गम स्थल: अंगसी ग्लेशियर, तिब्बत (मानसरोवर के निकट)

  • तिब्बत में नाम: यारलुंग त्सांगपो

  • भारत में प्रवेश: यांग्याप दर्रा, अरुणाचल प्रदेश

  • भारत में शुरुआती नाम: सियांग (Siang) या  दिहांग (Dihang)

  • प्रमुख शहर: पासीघाट, डिब्रूगढ़, तेजपुर, गुवाहाटी और गोलपाड़ा

  • आखिरी गंतव्य: बांग्लादेश से होकर बंगाल की खाड़ी 

माजुली: ब्रह्मपुत्र की सबसे अनोखी पहचान

ब्रह्मपुत्र की गोद में बसा माजुली केवल एक द्वीप नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा आबाद नदी द्वीप माना जाता है।

चीन की नई जलविद्युत परियोजना केवल बिजली उत्पादन का मामला नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में जल सुरक्षा, पर्यावरण और भू-राजनीति (Geopolitics) से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। 

फिलहाल चीन का दावा है कि प्रोजेक्ट से किसी देश को नुकसान नहीं होगा, लेकिन भारत की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है क्योंकि ब्रह्मपुत्र केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Aug 2, 2026, 18:06 IST

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