आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017-18: मुख्य तथ्यों पर नजर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी 2018 को संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण, देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित आंकड़ों को बताता है. इस सर्वेक्षण के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण-2018 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आर्थिक विकास की दर 7% और 7.5% के बीच रहेगी .
Feb 3, 2018 21:31 IST
    Economic Survey of India-2017-18

    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी 2018 को संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण, देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित आंकड़ों को बताता है. इस सर्वेक्षण के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण को सरकार के अलावा, विद्यार्थी, शिक्षक, रिसर्च स्कॉलर, विदेशी सरकारें और विदेशी निवेशक भी बहुत ध्यान से पढ़ते है.
    इस आर्थिक सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं;
    1. आर्थिक सर्वेक्षण-2018 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आर्थिक विकास की दर 7% और 7.5% के बीच रहेगी  जबकि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए विकास दर के 6.5% पर रहने का अनुमान लगाया गया है.
    2. वित्त वर्ष 2018 के लिए कृषि विकास की दर 2.1% और इसी अवधि में उद्योग क्षेत्र की विकास दर 4.4% रहने की संभावना है.
    3. वित्त वर्ष 2018 के लिए सेवा क्षेत्र की विकास दर 8.3% रहने की संभावना है जिसका फायदा आगे आने वाले वित्त वर्ष में सुधार के रूप में देखने को मिलेगा.
    4. कुल बचत में निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र का हिस्सा जो कि 2011-12 में GDP का 9.5% था; वह 2015-16 में बढ़कर GDP का 12% हो गया है.
    5. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा 3.2% रहने का अनुमान लगाया गया है; जबकि कृषि की विकास दर 2.1% रह सकती है.
    6. वित्त वर्ष 2018 में चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 1.5 - 2% रहने की उम्मीद है, जबकि इसी अवधि में निर्यात की वृद्धि 12.1% रहने की उम्मीद है.
    7. आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि GST के लागू होने के कारण अप्रत्यक्ष कर देने वालों की संख्या में 50% की वृद्धि दर्ज की गयी है. इसमें सबसे ज्यादा वृद्धि स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन करने वालों की है.
    8. सर्वेक्षण में यह अनुमान व्यक्त किया गया है कि यदि तेल की कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि हो जाती है तो; यह GDP दर में 0.2-0.3% की कमी करती है, WPI आधारित मुद्रा स्फीति को 1.7% तक बढाती है और चालू खाता घाटा को लगभग 9-10 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचता है.
    9. सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत को 2040 तक बुनियादी ढांचा में निवेश के लिए लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर की आवश्यकता होगी.
    10. 'भारत नेट' और 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रमों का मुख्य उद्येश्य भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है. सितंबर 2017 के अंत तक ,भारत में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1207 मिलियन थी जिसमे 502 मिलियन कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्रों में और 705 मिलियन शहरी क्षेत्रों में थे.
    11. 30 नवम्बर 2017 तक भारत में 330,861 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाता था.
    12. ग्रामीण भारत में स्वच्छता कवरेज 2014 में 39% से बढ़कर जनवरी 2018 में 76% हो गया है.
    13. नवंबर 2016 से अक्टूबर, 2017 तक की अवधि में देश में औसत मुद्रास्फीति (CPI) 3.7% दर्ज हुई है.
    14. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार; दिसम्बर 2016 से दिसंबर, 2017 की अवधि में 14% की सालाना वृद्धि दर्ज करता हुआ 409.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था.
    15. सितम्बर 2017 के अंत तक भारत के ऊपर बाह्य ऋण (external debt) 495.7 अरब अमेरिकी डॉलर था.
    इस प्रकार आपने इस सर्वेक्षण में पढ़ा कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की क्या स्थिति है और आगे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी.

    जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

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