कौन थे टीपू सुल्तान, यहां पढ़ें उनसे जुड़े 10 महत्त्वपूर्ण तथ्य
भारत में जब भी दक्षिण साम्राज्य की बात होती है, तो इसमें टीपू सुल्तान का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्हें दक्षिण के सुल्तान के रूप में भी जाना जाता है। कौन थे टीपू सुल्तान, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत में कई शासक रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक शासन किया। इस दौरान भारतीय शासकों ने अंग्रेजों से भी लोहा लिया था। इस लिस्ट में टीपू सुल्तान का नाम भी टॉप लिस्ट में आता हैं, जिन्हें दक्षिण का सुल्तान भी कहा जाता है। टीपू सुल्तान को अपनी बहादुरी, सैन्य प्रशासन क्षमता और अंग्रेजों के खिलाफ लड़े गए युद्ध के लिए जाना जाता है। इस लेख में हम टीपू सुल्तान से जुड़े 10 महत्त्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे।
टीपू सुल्तान से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य
मैसूर का शेर
टीपू सुल्तान को मैसूर के शेर के रूप में भी जाना जाता है। उनके शासन के समय शेर को प्रतीक चिह्न चुना गया था। ऐसे में हथियारों से लेकर उनके झंडों में शेर का प्रतीक देखने को मिलता है। आज भी लंदन में उनका मैकेनिक शेर है, जो कि एक ब्रिटिश सैनिक को खाते हुए दिखाया गया है।
रॉकेट के जनक के रूप में जाने जाते हैं टीपू
टीपू सुल्तान और उनके पिता हैदर अली को रॉकेट के जनक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दुनिया में पहली बार दो किलोमीटर की मारक क्षमता वाले लोहे के खोल वाले रॉकेट का परीक्षण किया था। आज भी NASA के सेंटर में उनकी रॉकेट की तस्वीर लगी है।
अंग्रेजों के दुश्मनों के रूप में पहचान
टीपू सुल्तान और अंग्रेजों की दुश्मनी काफी प्रसिद्ध रही है। उन्होंने अंग्रेजोंं के खिलाफ चार एंगलो-मैसूर युद्ध लड़े हैं। उन्होंने कभी अंग्रेजों का आगे झुकना मुनासिब नहीं समझा।
नौसेना को किया मजबूत
टीपू सुल्तान को अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपनी सेना को यूरोपीय तर्ज पर प्रशिक्षित किया था। इस कड़ी में उन्होंने कई डॉकयॉर्ड भी बनवाए थे।

विदेशों में थे अच्छे संबंंध
टीपू सुल्तान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छे संबंध थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ मदद के लिए फ्रांस तुर्की, मॉरिशस और अफगानिस्तान तक अपने दूतों को भेजा था।
खुद को घोषित किया नागरिक टीपू
टीपू सुल्तान फ्रांसीसी क्रांति से प्रभावित थे। ऐसे में उन्होंने अपनी राजधानी श्रीरंगपट्टनम में जैकोबिन क्लब की स्थापना भी की थी। साथ ही, उन्होंने खुद को नागरिक टीपू भी घोषित किया था।
चर्चा में रहीं धार्मिक नीतियां
टीपू सुल्तान की धार्मिक नीतियां काफी चर्चाओं में रही हैं। उन्हे श्रृंगेरी मठ को आर्थिक मदद के लिए भी जाना जाता है।
कृषि सुधार के लिए प्रसिद्ध
टीपू सुल्तान ने ही मैसूर में रेशम उत्पादन शुरू करवाया था, जिससे इस शहर की रेशम की दुनिया में खास पहचान बनी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने व्यापार और बैंकिंग में भी सुधार किए थे।
मशहूर है टीपू की तलवार
टीपू सुल्तान की तलवार काफी प्रसिद्ध है। यह तलवार वूट्ज स्टील से बनी है, जिसमें कार्बन की मात्रा बहुत अधिक होती है। ऐसे में यह इतनी मजबूत है कि लोहे के कवच को भी आसानी से काट सकती है।
1799 में हुई मृत्यु
टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ चार युद्ध लड़े, लेकिन अंतिम एंग्लो-मैसूर युद्ध(4 मई, 1799) में उन्हें गोली मार दी गई थी। इस युद्ध के बाद श्रीरंगपट्टनम समेत दक्षिण भारत पर अंग्रेजों का राज हो गया था।
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