भारत में किस राज्य को कहा जाता है ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’, जानें नाम
भारत में आपने अलग-अलग राज्यों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में एक राज्य ऐसा भी है, जिसे ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है। कौन-सा है यह राज्य, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत, अनूठी परंपराएं और समृद्ध इतिहास इसे अन्य देशों से अलग बनाते हैं। हमारे देश में कुल राज्यों की बात करें, तो इनकी संख्या 28 है, जो कि अलग-अलग दिशाओं में मौजूद हैं। सभी राज्यों की अपनी विशेषता है, जिससे इन राज्यों को इनके मूल नाम के अलावा उपनाम से भी जाना जाता है। आपने अलग-अलग राज्यों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में एक राज्य ऐसा भी है, जिसे ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है। कौन-सा है यह राज्य, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस राज्य को कहा जाता है ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस राज्य को ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि भारत के पश्चिम में स्थित गुजरात राज्य को ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’
गुजरात को ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ कहने के पीछे विदेशी व्यापार और समुद्री मार्ग है, जिस वजह से इसे पश्चिम की तरफ से भारत में प्रवेश के लिए जाना जाता है। यूं, तो पश्चिम में और भी राज्य हैं, लेकिन गुजरात का महत्त्व अधिक है, जो कि इस प्रकार है-
सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य
गुजरात राज्य भारत में सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य है। इसकी कुल तटरेखा करीब 1600 किलोमीटर है। तट के उस तरफ विशाल अरब सागर है। यहां से कई वर्षों से ही विदेशी व्यापार होता आ रहा है।
तट पर हैं ऐतिहासिक बंदरगाह
गुजरात के तट पर आपको ऐतिहासिक बंदरगाह देखने को मिल जाएंगे। यहां लोथल बंदरगाह है, जो कि सिंधु घाटी सभ्यता से ही एक प्रमुख बंदरगाह था। इस बंदरगाह से ईराक और अन्य पश्चिमी देशों में व्यापार किया जाता था। वहीं, यहां सूरत और खंभात भी हैं। आपको बता दें कि मध्यकाल में सूरत को ‘मक्का का द्वार’ और ‘पश्चिम का प्रवेश द्वार’ कहा जाता था। इसी रास्ते से हज यात्री और यूरोपीय व्यापारी भारत में प्रवेश करते थे।
आज कांडला और मुंद्रा जैसे बंदरगाह
आज गुजरात में कांडला और मुंद्रा जैसे बंदरगाह हैं, जो कि आयात और निर्यात के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बंदरगाहों के माध्यम से यूरोप, खाड़ी देशों और अफ्रीका में व्यापार में किया जाता है।
रोचक तथ्यः आपको बता दें कि वह राज्य गुजरात ही था, जिसे जीतने की खुशी में अकबर ने आगरा के फतेहपुर सीकरी में दुनिया के सबसे बड़े दरवाजे यानि कि बुलंद दरवाजे का निर्माण करवाया था। आज इस दरवाजे को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। उस समय में बना यह दरवाजा आज भी वास्तुकला में उदाहरण के लिए पेश किया जाता है।
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