1. Home
  2. Hindi
  3. IAS Success Story: अपनी अलग रणनीति से सिविल सेवा क्रैक कर IAS बने अमित काले

IAS Success Story: अपनी अलग रणनीति से सिविल सेवा क्रैक कर IAS बने अमित काले

IAS Success Story: यूपीएससी परीक्षा के लिए युवा अपनी रणनीति बनाकर तैयारी करते हैं। आज हम आपको अमित काले की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी अलग रणनीति के माध्यम से यूपीएससी परीक्षा को पास कर आईएएस बनने का सफर पूरा किया।   

IAS Success Story: अपनी अलग रणनीति से सिविल सेवा क्रैक कर IAS बने अमित काले
IAS Success Story: अपनी अलग रणनीति से सिविल सेवा क्रैक कर IAS बने अमित काले

IAS Success Story: सिविल सेवा का पास कर आईएएस बनने का सपना लाखों युवा देखते हैं। इसके लिए वह महंगी कोचिंग में दाखिला लेते हैं। युवा अलग-अलग रणनीति बनाकर इस कठिन परीक्षा को पास करने का प्रयास करते हैं, लेकिन लाखों युवाओं में से केवल कुछ सैकड़ों युवाओं को ही सफलता मिल पाती है। आज हम अमित काले की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने सिविल सेवा को पास करने के लिए अपनी अलग रणनीति बनाई और उस  रणनीति के माध्यम से उन्होंने आईएएस बनने का सफर पूरा किया। 

 

सरल विषयों को पहले और कठिन विषयों का गहराई से किया अध्ययन

अमित के मुताबिक, अभ्यर्थी को अपनी क्षमता का आकलन करना चाहिए। साथ ही यह देखना चाहिए कि वह किन विषयों में कमजोर है और किन विषयों में मजबूत है, जिससे उसे पता चल सके कि किन विषयों को गहराई से पढ़ना है। अमित काले ने यूपीएससी की तैयारी के दौरान सबसे पहले यह देखा कि आसान विषय कौन से हैं और कठिन विषय कौन से हैं। उन्होंने आसान और कठिन विषयों की सूची बनाकर अलग-अलग भागों में बांट ली। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले आसान विषयों पर पकड़ मजबूत करना शुरू की। वहीं, कठिन विषयों को लेकर बाद में गहराई से पढ़ना शुरू किया। 

 

चौथे प्रयास में बने आईएएस

अमित काले ने रणनीति बनाकर यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने कड़ी मेहनत कर पहला प्रयास दिया, लेकिन वह अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने हिम्मत न हारते हुए दूसरा प्रयास किया और इस चरण में भी उनकी प्रिलिम्स की परीक्षा पास हुई, लेकिन वह फाइनल राउंड तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने पहले के मुकाबले अधिक मेहनत की और तीसरा प्रयास दिया। इस बार उन्होंने सिविल सेवा को क्रैक कर दिया, लेकिन रैंक ठीक न आने की वजह से उन्हें आईएएस सेवा नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से तैयारी में जुट गए और चौथे प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा को क्रैक कर 2018 में आईएएस बनन का सफर पूरा किया। 

 

सही दिशा में प्रयास करने से मिलती है सफलता 

अमित काले के मुताबिक, यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। ऐसे में किसी दूसरे टॉपर की रणनीति कॉपी करने के बजाय अभ्यर्थी अपनी क्षमताओं के हिसाब से रणनीति तैयार कर परीक्षा की तैयारी करे। क्योंकि, खुद का आकलन कर बनाई गई रणनीति ज्यादा फायदेमंद होती है। ऐसे में दूसरों को कॉपी करने से बचना चाहिए और खुद के ऊपर व खुद की रणनीति पर काम करना चाहिए। हालांकि, इसके साथ-साथ सही दिशा में  प्रयास करना जरूरी है। 

 

अमित काले की कहानी हमें बताती है कि कोई भी लक्ष्य पाना असंभव नहीं होता है। हमें अपने लक्ष्य को पाने के लिए सही दिशा में प्रयास करने के साथ एक अच्छी रणनीति की जरूरत होती है, जिससे हमारे लक्ष्य तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। 

 

पढ़ेंः UPSC Success Story : महंगी कोचिंग के बजाय घर में पढ़कर IAS बनीं श्रद्धा शुक्ला