1. Home
  2. Hindi
  3. Bharat ka Samvidhan : कैसे हुआ भारत के संविधान का निर्माण, जानें पूरी कहानी आसान शब्दों में

Bharat ka Samvidhan : कैसे हुआ भारत के संविधान का निर्माण, जानें पूरी कहानी आसान शब्दों में

भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. देश का कानून इस संविधान द्वारा ही संचालित होता है. आइये जानें संविधान निर्माण की सारी घटनाओं के विषय में विस्तार से 

Indian constitution
Indian constitution

Bharat ka Samvidhan : वर्ष 2015 से देश में हर वर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है और देश का कानून और संसद इसके द्वारा ही संचालित होती है.  क्या आप जानते हैं आखिर कैसे बना देश का इतना बड़ा संविधान? और क्या खासियत है हमारे देश के संविधान की ? आइये जानें संविधान निर्माण की पूरी कहानी.

  • भारत के संविधान का निर्माण 26 नवम्बर 1949 को हुआ था इस संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया था  इसके निर्माण में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था. संविधान सभा के निर्माण का प्रस्ताव सर्वप्रथम वर्ष 1934 में एम.एन. रॉय द्वारा रखा गया था. जबकि संविधान सभा के गठन के लिए चुनाव वर्ष 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के तहत हुए थे.
  • संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी. जिसमें 292 प्रतिनिधि ब्रिटिश प्रान्तों के, 4 चीफ कमिश्नर और 93 प्रतिनिधि देशी रियासतों के थे. कुल 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिय चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस को 208 वोट, मुस्लिम लीग को 73 वोट और 15 वोट अन्य दलों को और स्वतंत्र उम्‍मीदवार को मिले थे. 
  • संविधान सभा की प्रथम बैठक का आयोजन 9 दिसंबर 1946 को दिल्ली स्थित काउंसिल चैम्बर के पुस्तकालय भवन में हुआ था , और इसकी अध्यक्षता सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य सच्चीदानंद सिन्हा ने की थी वो सभा के अस्थाई अध्यक्ष चुने गए थे. संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे. 
  • संविधान सभा में प्रांतों या देसी रियासतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों का प्रतिनिधित्व दिया गया था, साधारणतः 10 लाख की आबादी पर एक स्थान का आबंटन किया गया था. हैदराबाद रियासत के प्रतिनिधियों ने संविधान सभा में भाग नहीं लिया था. 
  • संविधान सभा में 12 महिला, 33 अनुसूचित जाति, 213 सामान्य, 4 सिख और 79 मुस्लिम सदस्य थे.
  • संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसम्बर 1946 ई. को जवाहर लाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्‍ताव के साथ हुई थी.         
  • भारत के संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया था और इस सभा में 13 समितियां थी. जो संविधान सभा के विभिन्न कार्यों से निपटने के लिए गठित की गईं थी. इन समितियों में 8 समितियां प्रमुख थीं, नीचे उन समितियों के नाम और उनके अध्यक्ष के नाम दिए गयें हैं- 
     समिति अध्यक्ष 
    मसौदा समिति बी.आर. अंबेडकर  
    संघ शक्ति समिति जवाहरलाल नेहरू
    केंद्रीय संविधान समिति जवाहरलाल नेहरू
    प्रांतीय संविधान समिति वल्लभभाई पटेल
    मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों और जनजातीय तथा बहिष्कृत क्षेत्रों पर सलाहकार समिति वल्लभभाई पटेल
    प्रक्रिया समिति के नियम राजेंद्र प्रसाद
    राज्य समिति (राज्यों के साथ बातचीत के लिये समिति) जवाहरलाल नेहरू
    संचालन समिति राजेंद्र प्रसाद
  • संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी. एन राव थे. राव ने दुनिया के बहुत सारे संविधानों का अध्ययन किया और यूके, आयरलैंड, कनाडा, अमेरिका जाकर वहां के विधि विद्वानों से इसके विषय में विस्तृत चर्चा की. फिर अक्टूबर 1947 में उन्होंने संविधान का पहला ड्राफ्ट तैयार किया और इस ड्राफ्ट को भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 7 सदस्यीय ड्राफ्टिंग कमेटी को सौंपा गया. इस ड्राफ्ट पर विचार करने के बाद कमेटी ने एक नया ड्राफ्ट तैयार किया और उसे पर संविधान सभा के सुझाव मांगे. दिए गए सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट में कई बदलाव किये गए और बदले हुए ड्राफ्ट के सभी प्रावधानों पर एक वर्ष तक चर्चा हुई. जिसके बाद संविधान को 26 नवंबर, 1949 ई० को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था.      
  • 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में पूरी तरह से लागू हो गया, मूल संविधान में कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं. जबकि वर्तमान में इसमें 470 अनुच्छेद, 25 भाग, और 12 अनुसूचियां हैं.

संविधान और उसके विदेशी स्त्रोत 
भारतीय संविधान के 70 प्रतिशत भाग को 1935  के भारत सरकार अधिनियम से लिया गया है ,जबकि अन्य प्रावधानों को   अलग-अलग देशों से लिए गया है आइये जानें कौन सा प्रावधान किस देश से लिया गया है. 

 

देश  प्रावधान 
संयुक्त राज्य अमेरिका मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात 
ब्रिटेन संसदात्मक शासन-प्रणाली, एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया
आयरलैंड नीति निर्देशक सिद्धांत, राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था, राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में साहित्य, कला, विज्ञान तथा समाज-सेवा इत्यादि के क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों का मनोनयन, आपातकालीन आपातकालीन उपबंध
ऑस्ट्रेलिया प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान, केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन
 जर्मनी आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां
कनाडा संघात्‍मक विशेषताएं अवशिष्‍ट शक्तियां केंद्र के पास
 दक्षिण अफ्रीका संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रावधान
 रूस मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान
जापान विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया