1. Home
  2. Hindi
  3. क्या राम सेतु है मानव निर्मित? जानें राम सेतु के बारें में कुछ रोचक तथ्य

क्या राम सेतु है मानव निर्मित? जानें राम सेतु के बारें में कुछ रोचक तथ्य

आप में से कुछ ही लोग जानते होंगे राम सेतु के बारे में ये रोचक तथ्य हैं, आइये जानें इस सेतु के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें 

Ram Setu - A man made bridge
Ram Setu - A man made bridge

Ram Setu: राम सेतु न केवल हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है बल्कि अपने साथ कई रहस्यमय तथ्य भी दर्शाता है. कुछ लोग इस सेतु को मानव निर्मित मानते हैं जबकि कुछ अन्य अभी भी इस पर कुछ कहने से इनकार करते हैं. एक साइंस चैनल ने अपने हालिया रिसर्च में इस बात की पुष्टि की है कि, राम सेतु एक मानव निर्मित ब्रिज है. 

एक अमेरिकी चैनल डिस्कवरी ने अपनी हालिया खोज में बताया है कि, राम सेतु एक मानव निर्मित सेतु है. राम सेतु जिसे एडम ब्रिज भी कहा जाता है, को हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम द्वारा वानर सेना के सहयोग से बनाया गया था. चैनल के अनुसार, उसके खोजकर्ताओं ने पाया है कि, भारत और श्रीलंका के भूभाग के बीच स्थित पुल मानव निर्मित प्रतीत होता है।  

राम सेतु मुहीम मार्च 2021 में वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों द्वारा रामेश्वरम और श्रीलंका को जोड़ने वाले चूना पत्थर की प्रवाल  श्रृंखला का पता लगाने के लिए चलाया गया था। अभियान का उद्देश्य चूना पत्थर की चट्टानों की विशेषताओं, इसके भूवैज्ञानिक परिवर्तन और आठ किलोमीटर के इस पुल की विभिन्न विशेषताओं को समझना था।

राम सेतु का इतिहास ?
राम सेतु का सर्प्रथम उल्लेख वाल्मीकि रामायण में किया गया था। ऐसा माना जाता है कि, इस पुल का निर्माण भगवान राम ने वानर सेना के साथ मिल कर किया, श्री राम की सेना ने नल के निर्देश पर इस पुल का निर्माण किया था, ताकि भगवान राम अपनी पत्नी सीता को रावण से बचाने के लिए लंका जा सकें। रामायण के अनुसार इस पुल को तैरते हुए पत्थरों का उपयोग करके बनाया गया था, और इन पत्थरों पर भगवान राम का नाम लिखा गया था। 

राम सेतु के बारे में कुछ रहस्यमय बातें-

  • ये एक पुल के समान संरचना है, जो तमिलनाडु को श्रीलंका से जोड़ता है।
  • इस पुल की कुल लंबाई लगभग 50 किलोमीटर है। रामसेतु मन्नार की खाड़ी को पाक जलडमरूमध्य से अलग करता है। इस संरचना के चारों ओर का समुद्र बहुत ही कम गहरा है, जिसकी गहराई तीन फीट से 30 फीट तक है।
  • कई वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार, ये पुल वर्ष 1480 तक पूरी तरह से समुद्र तल से ऊपर था, लेकिन इस क्षेत्र में आए एक चक्रवात से क्षतिग्रस्त हो गया था। 
  • इस पुल के डूबने से पहले इस पर पैदल चला जा सकता था. 
  • कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि, ये पुल चूना पत्थर से बना है और इस पर प्रवाल भित्तियों की एक बड़ी कॉलोनी मिलती है  यहाँ से ये भी प्रमाण मिलते हैं कि ये पुल रामेश्वरम में बिखरी हुई तैरती चट्टानों से बना है 
  • राम सेतु, तमिलनाडु के पंबन द्वीप को श्रीलंका के मन्नार द्वीप से जोड़ता है।
  • रामसेतु को रामायण का एकमात्र पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्य माना जाता है।
  • समुद्र विज्ञान के विभिन्न रिसर्च से पता चलता है कि ये पुल 7000 साल पुराना है जो धनुषकोडी और मन्नार द्वीप के पास समुद्र तटों की कार्बन डेटिंग और रामायण के समय से मेल खाता है। 
  • राम सेतु को एडम ब्रिज, नल सेतु और सेतु बंद भी कहा जाता है। इसे राम सेतु भगवान राम के बनवाने के कारण, नल सेतु इसके वास्तुकार भगवान राम की सेना के एक सदस्य 'नल' द्वारा बनवाने के कारण, और एडम्स ब्रिज का नाम कुछ प्राचीन इस्लामी ग्रंथों से आया है जो श्रीलंका में एडम्स पीक का जिक्र करते हैं.