आर्कियोलोजिस्ट का पद केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विभिन्न विभागों, संग्रहालयों, केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न उत्खनन कंपनियों (पीएसयू), आर्कियोलोजी से सम्बन्धित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आदि में होता है. आमतौर पर असिस्टेंट आर्कियोलोजिस्ट या सहायक पुरातत्वविद के रूप सीधी भर्ती की जाती है जो कि इन संस्थानों में द्वीतीय श्रेणी का पद होता है. निर्धारित न्यूनतम वर्षों का अनुभव पूरा करने के बाद आर्कियोलोजिस्ट या पुरातत्वविद रूप में प्रोन्नत किया जाता है. आर्कियोलोजिस्ट के कार्यों में सर्वेक्षण के क्षेत्रों का मुआयना, खनन की निगरानी, प्राप्त वस्तुओं का विश्लेषण व रिपोर्ट बनाना और संरक्षण शामिल हैं. वहीं, शैक्षणिक संस्थानों में आर्कियोलॉजिस्ट के रूप में सम्बन्धित कक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के शोध में मार्गदर्शन देना शामिल होता है.
आर्कियोलोजिस्ट के लिए कितनी होनी चाहिए योग्यता?
सरकारी संगठनों या संस्थानों में आर्कियोलोजिस्ट बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को इतिहास विषयों या आर्कियोलॉजी या एंथ्रोपोलॉजी या जियोलॉजी में प्लीस्टोसीन जियोलॉजी में विशेषज्ञता के साथ मास्टर्स डिग्री उत्तीर्ण होनी चाहिए. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संचालित आर्कियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर चुके उम्मीदवारों को चयन में वरीयता दी जाती है. इसके अतिरिक्त आर्कियोलॉजी में पीएचडी या एमफिल या आर्कियोलॉजी में जूनियर रिसर्च फेलो या सीनियर रिसर्च फेलो के रूप में कार्य कर चुके उम्मीदवारों को भी चयन में वरीयता दी जाती है.
आर्कियोलोजिस्ट के लिए कितनी है आयु सीमा?
आर्कियोलोजिस्ट बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 30 वर्ष के बीच हो. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष भी हो सकती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
आर्कियोलोजिस्ट के लिए चयन प्रक्रिया
आमतौर पर आर्कियोलोजिस्ट के पद पर उम्मीदवारों का चयन एकेडेमिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार (पर्सनल इंटरव्यू) के आधार पर किया जाता है. हालांकि, यदि संविदा के आधार पर नियुक्ति की जानी हैं तो संबंधित संस्थान सिर्फ एकेडेमिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर ही चयन कर सकता है.
कितनी मिलती है आर्कियोलोजिस्ट को सैलरी?
आर्कियोलोजिस्ट के पद पर छठे वेतन आयोग के पे-बैंड 2 के अनुरूप रु. 9300-34800/- और ग्रेड पे रु.4200/- के अनुसार सैलरी दी जाती है. जिन संगठनों में सातवां वेतन आयोग लागू किया जा चुका है वहां समान लेवल के अनुरूप सैलरी दी जाती है. राज्यों के संस्थानों में आर्कियोलोजिस्ट के पद पर सम्बन्धित राज्य के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाता है.
आर्कियोलोजिस्ट को कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?
आर्कियोलोजिस्ट का पद केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विभिन्न विभागों, संग्रहालयों, केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न उत्खनन कंपनियों (पीएसयू), आर्कियोलोजी से सम्बन्धित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आदि में होता है इसलिए इस पद के लिए रिक्तियां समय-समय पर इन्हीं शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में निकलती रहती है. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation