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सरकारी नौकरी पाना बस सपना ही रह जायेगा अगर करते हैं आप ये काम

Apr 9, 2018 22:37 IST
    सरकारी नौकरी में सफलता
    सरकारी नौकरी में सफलता

    सरकारी नौकरी पाना आज हर युवा का सपना है. देश के लाखों युवा हर वर्ष सरकारी संगठनों द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में शामिल होते हैं. परन्तु सरकारी नौकरी के लिए आयोजित किये जाने वाले परीक्षा में कुछ ही युवा सफल हो पाते हैं. सभी सरकारी संगठन अधिसूचना जारी करने के समय ही परीक्षा के सिलेबस एवं पूछे जाने वाले प्रश्न पत्रों की प्रकृति से उम्मीदवारों को अवगत करा देते हैं. इस प्रकार सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को सिलेबस एवं प्रश्न पत्रों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने की जरुरत है. इसके साथ ही कुछ ऐसी बाते हैं जिन्हें उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी के समय करने से बचना चाहिए. क्योंकि सरकारी नौकरी में सफलता या विफलता ना केवल आपके मेहनत पर निर्भर करता है बल्कि मेहनत की दिशा भी सफलता में अहम रोल अदा करती है. आइये जानते है कैसे तैयारी की समयावधि में खुद को संयमित रखते हुए सफलता की मंजिल तक पहुँच सकते हैं.

    ऐसी बात नही है कि इंसान मेहनत नही करता है इसलिए असफल हो जाता है. इस बात की पुष्टि के लिए आपको अनेकों ऐसे उदहारण मिल जायेंगे जिसमें आप पाएंगे कि कई व्यक्ति बहुत कम मेहनत करने पर ही सफलता प्राप्त कर लेते हैं. उदहारण में आपको हर क्षेत्र के व्यक्ति चाहे परीक्षा की तैयारी करने वाले हों या किसी और मंजिल को लक्षित कर प्रयास करने वाले हों मिल जायेंगे. परन्तु कुछ व्यक्ति ऐसे भी मिलेंगे जिन्होंने कठिन परिश्रम में अपना पूरा सामर्थ्य अपनी पूरी जिन्दगी खपा दी हो फिर भी वे सफलता का स्वाद नही चख पाते हैं.

    इसका मतलब है केवल मेहनत और कठिन परिश्रम ही सफलता का मन्त्र नही होता. तो फिर क्या हो सकता हैं सफलता का मन्त्र? क्यों मेहनत के वावजूद कुछ लोग सफल नही होते? अगर इस उत्तर के लिए शोध करें तो इसका उत्तर यही निकल कर सामने आता है कि असफल व्यक्ति ने कठिन परिश्रम तो किया पर उसके मेहनत की दिशा सही नही थी. मंजिल तक पहुँचने का मार्ग कुछ और था और वो चला जा रहा था किसी और पथ पर. दूसरे शब्दों में कहें तो उसने वो सब किया जिसे उसे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नही करना था और उसने वो नही किया जिसे उसे करना चाहिए था. इसलिए लक्ष्य पाने के आलोक में किये गये हर कार्य का पूर्व मंथन किये जाने की जरुरत है. हमें वैसे कार्यों को करने से बचना है जो लक्ष्य की प्राप्ति में निरर्थक साबित हों.

    इसलिए हमारा प्रयास, हमारी मेहनत व्यर्थ ना जाए इसलिए कुछ निर्थक कार्यों को दरकिनार कर सार्थक कार्यों किये जाने की जरुरत है. आइये हम आपको अब बताते हैं क्या क्या नही किये जाने की जरुरत है.

    जानें क्या नही करना है:

    किसी लक्ष्य तक पहुँचने के लिए क्या नही करना है अगर इस उत्तर को खोज लिया तो आपको अपने आप इसका उत्तर भी मिल जायेगा कि सफलता को पाने के लिए क्या क्या करना चाहिए. कुछ ऐसे कार्य जो आपको नही करने हैं:

    1. नकारात्मक सोच वाले इंसान के करीब जाना.
    2. असफलता से विचलित होना.
    3. समय का दुरूपयोग करना.
    4. बिना रणनीति बनाये लक्ष्य की तरफ बढ़ जाना.
    5. शॉर्टकट अपनाना.

    जी हाँ आपको उपर दिए कार्य बिल्कुल ही नही करने हैं.

    1. नकारात्मक सोच वाले इंसान के करीब जाना:

    अक्सर आपको अपने लक्ष्य को पाने के लिए संघर्षरत रहने के दौरान ऐसे लोग मिल जायेंगे जो नकारात्मक सोच रखते हैं. अगर कोई साधारण लक्ष्य भी हो और कोई बार बार आपसे कहे कि इस लक्ष्य को पाना आसान नही तो आपको छोटा लक्ष्य भी पहाड़ सा लगने लगेगा और वो आपकी पॉजिटिव एनर्जी का धीरे धीरे क्षय कर देगा. नकारात्मक सोच प्रयास के पहले ही हार मान लेने जैसा है. इसलिए जरुरत है ऐसे लोगों से दूर रहें या फिर इनकी बातों से अपने को प्रभावित ना होने दें.

    2.असफलता से विचलित होना

    असफलता को सफलता के पाठ के रूप में देखें. हो सकता है जिस लक्ष्य को आप पाना चाहते हैं उसे प्रथम प्रयास में आप हासिल ना कर सकें. आपको जीत की जगह हार का स्वाद भी चखना पड़ सकता है. परन्तु अगर आप अपनी हार से विचलित हो जायेंगे तो आप पुनः दूसरा प्रयास इतनी उर्जा के साथ नहीं कर पाएंगे. इसलिए जरुरत है असफलता को सफलता पाने के लिए उपयोगी पाठ के रूप में देखें. विश्लेषण करें कि कहाँ चूक हुयी आखिर, क्या कमी रह गयी प्रयास में? क्या हम उसी मार्ग पर थे जिससे लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है? अगर आप सकारात्मक हो इन प्रश्नों का उत्तर ढूँढने में सफल होते हैं तो निश्चय ही सफलता आपके क़दमों में होगी.

    3.समय का दुरूपयोग करना

    चाणक्य के इस बात को जीवन में तरजीह देने की जरुरत है, उन्होंने कहा था- जो व्यक्ति जीवन में समय का ध्यान नही रखता, उसके हाथ असफलता एवं पछतावा के शिवा कुछ नही लगता है.

    समय के महत्व को जिसने पहचान लिया, उसके साथ जो कदम से कदम मिला के चल पाए वे आज के समय में मिशाल बने हुए है. प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में समय की महत्ता और भी अहम भूमिका अदा करने वाली हो गई है. इस प्रतियोगी समय में समय के महत्व को नही समझने एवं इसे निरर्थक कार्यों में जाया करने का अर्थ है प्रगति की राह में स्वयं को पीछे धकेलना. इसलिए सफलता पाने के लिए समय के महत्व को समझते हुए एक एक क्षण का अपने लक्ष्य के आलोक में उपयोग करना चाहिए.

    4. शॉर्टकट अपनाना:

    अधिकतर उम्मीदवार मेहनत से बचने के लिए सफलता का शॉर्टकट मार्ग ढूंढने की कोशिस में रहते हैं. ऐसी बात नही है कि शॉर्टकट अपनाने वाले सफल नही होते है. सफल होते हैं पर उनकी सफलता का प्रतिशत बहुत ही न्यूनतम होता है. परन्तु अगर आप परीक्षा के सिलेबस की तैयारी प्रॉपर तरीके से करते हैं तो आपको सफलता मिलने में समय थोड़ी अधिक लग सकती है, परन्तु इस विधि से तैयारी करने पर असफल होने का चांस कम होता है. यहाँ तक कि IAS परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार भी केवल नोट्स पर निर्भर हो शॉर्टकट तरीके से सफलता पाने का प्रयास करते हैं, जिनके कारण उन्हें असफलता का तीखा स्वाद चखना पड़ता है. सबसे पहले IAS जैसे परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को ये समझना होगा कि वे देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक पद के लिए तैयारी कर रहे हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो हम स्वर्ग पाने की इच्छा रख रहें हैं. और अगर स्वर्ग पाना है तो इसके लिए हमें मरना ही होगा. मरने से यहाँ तात्पर्य कठिन प्ररिश्रम से हैं जिसमें एक छात्र अपनी पूरी छमता खपा देता है.

    5. बिना रणनीति बनाये लक्ष्य की तरफ बढ़ जाना

    किसी निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बनाये जाने वाले कार्ययोजना ही रणनीति है. सरकारी नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को एक निश्चित समय सीमा के अंदर लक्ष्य पाने के लिए प्रयास करने का अवसर होता है. चूँकि समय नियत है इसलिए रणनीति बनाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. चाहे युद्ध का मैदान हो या फिर जीवन का बाधा दौड़, हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना, रणनीति बनाये जाने की जरुरत पड़ती है. लक्ष्य चाहे कितना भी कठिन हो, अगर उसे पाने के लिए हमने सही कार्ययोजना बनाई है तो सफलता आवश्य ही मिलेगी. जहाँ तक सरकारी नौकरी को अपना लक्ष्य बनाये हुए प्रत्यासियों के लिए जरुरी है कि अपने द्वारा चयनित पद के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम पर पूरा शोध कर लें. और फिर नियत समय में किस प्रकार दिए गये सिलेबस को कवर किया जा सकता है इसकी योजना बना लें. ध्यान रहे अधिक पुस्तक पढने की बजाय सिलेबस को कवर करने वाले चयनित पुस्तकों का बार बार अध्ययन करना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

    इस प्रकार अगर आप एकाग्रता एवं आत्म विश्वास के साथ समय का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बनाये कार्ययोजना पर अमल करेंगे तो निश्चय ही लक्ष्य को, अपनी मंजिल को नियत समय में पा सकेंगे.

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