जुलाई 2011 के दौरान 81.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारतीय निर्यात 29.3 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया. यह जानकारी वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर द्वारा 11 अगस्त 2011 को दी गई. अप्रैल-जुलाई 2011 के दौरान 54 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारतीय निर्यात 108.3 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया. इसी अवधि के दौरान 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 151 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात हुआ और व्यापार घाटा 42.7 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा. जुलाई 2011 के दौरान 40.4 अरब अमेरिकी डॉलर के साथ भारतीय आयात ने 51.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. जुलाई 2011 माह के लिए व्यापार बकाया 11.1 अरब अमेरिकी डॉलर पर रहा.
अप्रैल-जुलाई, 2011 के दौरान आभियांत्रिकी (31.6 अरब अमेरिकी डॉलर); जवाहरात और गहने (12.8 अरब अमेरिकी डॉलर), पेट्रोलियम और तेल उत्पाद 60 प्रतिशत (18.6 अरब अमेरिकी डॉलर), मानव निर्मित धागे और अन्य तैयार सामान, 38 प्रतिशत (1. 73 अरब अमेरिकी डॉलर), बिजली के सामान, 84 प्रतिशत (3. 72 अरब अमेरिकी डॉलर), सिले सिलाए वस्त्र 40 प्रतिशत (5 अरब अमेरिकी डॉलर), और चमड़े ने 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. लौह-अयस्क, फल, और सब्जियों तथा तंबाकू का निर्यात अच्छा नहीं रहा.
निर्यात के संदर्भ में उन्होंने बताया कि अप्रैल-जुलाई 2011 के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में वृद्धि का आकलन इस प्रकार रहा: पीओएल, 23 प्रतिशत (42 अरब अमेरिकी डॉलर), मोती और बेशकीमती रत्न, (11.16 अरब अमेरिकी डॉलर), सोना और चांदी, 180 प्रतिशत (21.5 अरब अमेरिकी डॉलर); मशीनरी, 45 प्रतिशत (12 अरब अमेरिकी डॉलर), बिजली का सामान, 75 प्रतिशत (10.3 अरब अमेरिकी डॉलर), जैविक और अजैविक उर्वरक. उर्वरकों के निर्यात में तेजी शुरु हो गई है.
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