टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 03 अप्रैल 2018 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से 'रूपश्री योजना' और 'जलवायु परिवर्तन' शामिल है.
पश्चिम बंगाल में ‘रूपश्री योजना’ आरंभ की गई
पश्चिम बंगाल सरकार ने कन्याश्री के बाद रूपश्री योजना आरंभ करने की घोषणा की है. इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की युवतियों की शादी कराना है.
यह योजना 01 अप्रैल 2018 अप्रैल से लागू हुई है. इस योजना के लाभार्थी युवतियों को शादी के लिए एकमुश्त 25,000 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी. यह आर्थिक सहायता उन परिवारों को मिलेगी जिनकी सालाना आय डेढ़ लाख रुपये तक हो.
जलवायु परिवर्तन की वजह से भारत में हो सकती है खाद्यान की कमी: अध्ययन
जलवायु परिवर्तन से मौसम में होने वाले बदलाव से भारत समेत दुनिया के कई देशों में खाद्यान की कमी का जोखिम बढ़ता जा रहा है. इस बात का खुलासा ‘फिलोस्पिकल ट्रांजैक्शन आफ द रायल सोसाइटी ए’ नाम की पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में किया गया है.
अध्ययन के अनुसार एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के 122 विकासशील देशों पर गौर किया गया है. ब्रिटेन के एक्जेटर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि कैसे जलवायु परिवर्तन विभिन्न देशों में खाद्य असुरक्षा के खतरे को और बढ़ा सकता है.
केंद्र सरकार ने फेक न्यूज पर जारी गाइडलाइंस वापस लिया
केंद्र सरकार ने 03 अप्रैल 2018 को फेक न्यूज पर जारी गाइडलाइंस को वापस ले लिया है. इस गाइडलाइंस के तहत 02 अप्रैल 2018 को कहा कि अगर कोई पत्रकार फर्जी खबरें करता हुआ या इनका दुष्प्रचार करते हुए पाया जाता है तो उसकी मान्यता स्थायी रूप से रद्द की जा सकती है.
फर्जी खबर सोशल मीडिया पर असली की तुलना में तेज़, व्यापक और अधिक तीव्रता से बढती है. इसके अलावा झूठी खबरों का प्रवाह नकली प्रोफाइल से नहीं बढ़ाया जाता. वास्तव में, लोग झूठी खबरों को ही सच्ची समझकर अधिक शेयर करते हैं.
ग्वाटेमाला के पूर्व सैन्य तानाशाह एफरेन रियोस मोंट का 01 अप्रैल 2018 को निधन हो गया. वे 91 वर्ष के थे.
वे वर्ष 1982 और वर्ष 1983 के बीच ग्वाटेमाला पर शासन करने वाले और पूर्व नरसंहार के आरोपों पर मुकदमे का सामना कर रहे. उनपर अपने छोटे से शासनकाल के दौरान 1771 स्वदेशी इक्सिल-माया लोगों की हत्या का आरोप था.
आईआईटी दिल्ली और डीयू दुनिया के टॉप 200 संस्थानों में शामिल: अध्ययन
विश्व के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में देश के महज दो संस्थान आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय ही स्थान बनाने में कामयाब हो सके हैं. उद्योग संगठन एसोचैम और यस इंस्टीट्यूट के सर्वेक्षण से यह जानकारी सामने आयी है.
इस अध्ययन में अमेरिका के 49, ब्रिटेन के 30, जर्मनी के 11 तथा चीन एवं ऑस्ट्रेलिया के 8-8 संस्थानों को जगह मिली है.
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