टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 04 अप्रैल 2018 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से 'पश्चिमी घाट' और 'नासा की हबल दूरबीन' शामिल है.
पश्चिमी घाट पर पौधे की नई प्रजाति खोजी गई
शोधकर्ताओं की एक टीम ने हाल ही में ‘फिमब्रिस्तिलिस अगस्थेमलेनेसिस’ नामक प्रजाति के पौधे की खोज की है. इस पौधे को पश्चिमी घाट के अगस्त्यमाला बायोरिज़र्व से खोजा गया है.
इस शोध के बारे में फय्तोताक्सा नामक बोटैनिकल जर्नल के अप्रैल 2018 अंक में जानकारी प्रकाशित की गई.इन शोधकर्ताओं में पोस्ट डॉक्टोरल फेलो एआर विजी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर टीएस प्रीथा ने पोंमुदी हिल्स के घास के मैदानों में इस प्रजाति के पौधे की खोज करने सफलता प्राप्त की.
नासा की हबल दूरबीन ने ब्रह्मांड में सबसे दूर स्थित तारा की खोज की
नासा की हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने अभी तक का सबसे सुदूरवर्ती तारा खोजा है. ब्रह्मांड के बीच में स्थित नीले रंग के इस विशाल तारे का नाम ‘इकारस’ है. यह तारा हमारे सूरज से दोगुना गर्म है.
यह तारा इतना दूर है कि इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में नौ अरब साल लग गए. विश्व की सबसे बड़ी दूरबीन से भी यह तारा बहुत धुंधला दिखाई देगा.
रूस ने ‘सरमत’ मिसाइल का परीक्षण किया, निशाने पर पूरा विश्व
रूसी सेना ने हाल ही में अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) ‘सरमत’ का सफल परीक्षण किया है. उत्तर-पश्चिमी रूस के प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम (प्रक्षेपण केंद्र) से ‘सरमत’ मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया.
‘सरमत’ मिसाइल सोवियत युग में डिजाइन किए गए ‘वोयेवोडा’ का स्थान लेगी. ‘वोयेवोडा’ को विश्व की सबसे भारी आईसीबीएम के रूप में जाना जाता है है जिसे पश्चिमी देशों में ‘शैतान’ (SATAN) के नाम से जाना जाता है.
केंद्र सरकार ने निर्यात में सुगमता के लिए डिजिटल पहल का शुभारंभ किया
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने 03 अप्रैल 2018 को निर्यात में सुगमता के लिए नई दिल्ली में निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) की डिजिटल पहल का शुभारंभ किया.
यह उम्मीद है कि इन डिजिटल पहल की बदौलत कृषि एवं खाद्य पदार्थों के निर्यात क्षेत्र में भारत की क्षमता काफी बढ़ जाएगी.
तुर्की ने पहले परमाणु संयंत्र का निर्माण कार्य आरंभ किया
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 3 अप्रैल 2018 को तुर्की के पहले परमाणु संयंत्र के निर्माण कार्य को आरंभ किया. इसे अक्कुयु न्यूक्लियर पावर प्लांट (एनपीपी) के नाम से जाना जायेगा जो मर्सिन प्रांत में मौजूद है.
इस लॉन्च कार्यक्रम को दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने विडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा संबोधित किया गया. इस उर्जा संयंत्र की कुल लागत 20 बिलियन डॉलर आंकी गई है.
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