मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष नियुक्त

अफ्रीकी संघ (AU) एक महाद्वीपीय संघ है, जिसमें अफ्रीका महाद्वीप के 55 देश शामिल हैं, जिसमें अफ्रीका में स्थित यूरोपीय संपत्ति के विभिन्न क्षेत्र हैं.

Feb 13, 2019 10:55 IST

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी को हाल ही में अफ्रीकी संघ (African Union) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इथियोपिया में आयोजित अफ्रीकी संघ के शिखर सम्मेलन में अल-सीसी को संघ का अध्यक्ष चुना गया है.

उनसे पूर्व पहले रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष पद पर आसीन थे. यह कयास लगाया जा रहा है कि मिस्र के राष्ट्रपति महाद्वीप में चल रहे सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने के लिए कार्य कर सकते हैं. गौरतलब है कि वर्ष 2002 में अफ्रीकी संघ की स्थापना के बाद मिस्र को पहली बार अध्यक्ष पद प्राप्त हुआ है.

अफ्रीकी संघ (African Union) के बारे में जानकारी

•    अफ्रीकी संघ (AU) एक महाद्वीपीय संघ है, जिसमें अफ्रीका महाद्वीप के 55 देश शामिल हैं, जिसमें अफ्रीका में स्थित यूरोपीय संपत्ति के विभिन्न क्षेत्र हैं.

•    इस ब्लॉक की स्थापना 26 मई 2001 को अदीस अबाबा, इथियोपिया में हुई थी और 09 जुलाई 2002 को दक्षिण अफ्रीका में लॉन्च किया गया था.

•    अफ़्रीकी संघ का इरादा 32 सांकेतिक सरकारों द्वारा अदीस अबाबा में स्थापित अफ्रीकन यूनिटी (OAU) के संगठन की जगह लेना है.

•    अफ़्रीकी संघ के सबसे महत्वपूर्ण फैसले अफ्रीकी संघ की विधानसभा द्वारा किए जाते हैं, जो इसके सदस्य राज्यों के राज्य और सरकार के प्रमुखों की एक अर्द्ध वार्षिक बैठक है.

•    अफ्रीकी संघ का सचिवालय, अफ्रीकी संघ आयोग, अदीस अबाबा में स्थित है.

•    इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों के बीच एकता को मज़बूत करना है.

•    इसकी अधिकारिक भाषाएँ अरबी, फ़्रांसिसी, अंग्रेजी, पुर्तगाली, सोमाली, स्पेनिश, स्वाहिली तथा अफ्रीकी भाषाएँ हैं.

अफ्रीकी संघ के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं-

•    सदस्य देशों के बीच एकता को मज़बूत करना.

•    सदस्य देशों की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता तथा स्वतंत्रता की सुरक्षा करना.

•    महाद्वीप में राजनीती, सामाजिक तथा आर्थिक को बढ़ावा देना.

•    अफ्रीकी महाद्वीप तथा लोगों के हितों की सुरक्षा करना.

•    अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना.

•    महाद्वीप में शांति, सुरक्षा तथा स्थायित्व को बढ़ावा देना.

•    लोकतंत्र तथा सुशासन को बढ़ावा देना.


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