वैश्विक वेतन रिपोर्ट 2016-17 आईएलओ द्वारा जारी

Dec 26, 2016, 10:24 IST

भारत में महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों के मुकाबले 33 फीसदी कम वेतन मिलता है. इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि विश्व के देशों के मुकाबले भारत में महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों के मुकाबले काफी कम वेतन मिलता है.

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने हाल ही में वैश्विक मजदूरी पर अपनी नवीन रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के अनुरूप, वर्ष 2012 के बाद से वैश्विक वेतन वृद्धि दर में लगातार कमी देखी जा रही है, जो वर्ष 2012 के 2.5 प्रतिशत से गिरकर वर्ष 2015 में 1.7 प्रतिशत तक आ गई. अंततः यह विगत चार वर्षों में अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है.

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य तथ्य:

•    इस डाटा के अनुसार भारत में महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों के मुकाबले 33 फीसदी कम वेतन मिलता है. इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि विश्व के देशों के मुकाबले भारत में महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों के मुकाबले काफी कम वेतन मिलता है.

•    आईएलओ की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा हो सकता है कि महिलाओं की शिक्षा के स्तर में कमी या फिर कार्य अनुभव में अंतर की वजह से वेतन में ये अंतर हो, लेकिन शैक्षिक अंतर ही इस मामले की अहम भूमिका नहीं है.

•    भारत में शिक्षा को लेकर महिलाओं तथा पुरुषों की शैक्षिक योग्यता में अंतर बहुत तेजी से संकुचित हो रहा है. जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि महिला स्नातकों की संख्या पुरुष स्नातकों के मुकाबले पिछले दशक भर में दो गुनी हुई है.

•    नॉन टेक्निकल क्षेत्र में भी पुरुषों के मुकाबले सबसे ज्यादा पोस्ट ग्रेजुएट महिलाएं ही हैं. महिला मजदूरों में वेतन का ये अंतर निचले स्तर तक है. हालांकि मनरेगा के तहत महिला और पुरुष मजदूरों को वेतन का अंतर कम करने की कोशिश की गई थी.

CA eBook

•    रिपोर्ट के मुताबिक भारतीयों महिलाओं को 63 फीसदी कम वेतन मिला है लेकिन इनमें 15 फीसदी ज्यादा वेतन है. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हाल ही में जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की है उनमें पुरषों के मुकाबले ज्यादा महिला डॉक्टर और शिक्षक हैं.

•    भारत में वेतन असमानता केवल लिंग अनुपात की वजह नहीं है. देश के आधे से ज्यादा मजदूर जिन्हें कम वेतन मिलता है उनका आंकड़ा करीब 17.1 फीसदी है. वहीं टॉप 10 फीसदी मजदूरों को 42.7 फीसदी मजदूरी मिलती है.

•    आईएलओ द्वारा यह रिपोर्ट प्रत्येक दो वर्षों में प्रकाशित की जाती है. इस रिपोर्ट से निकलने वाला एक महत्त्वपूर्ण बात यह भी है कि जी-20 के वैसे देश जो 2008-09 की आर्थिक मंदी में बहुत अच्छे स्थिति में थे, अब वेतन वृद्धि दर में गिरावट की मार झेल रहे हैं.

निष्कर्ष:

न्यूनतम मज़दूरी एवं सामूहिक संविदा के लिए अत्यधिक पारिश्रमिक असमानताओं को कम करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण सुधार किये जा सकते हैं. इन सबके आलावा, उन कमियों की पहचान करते हुए समाधान के उपाय निकाले जाने चाहियें जो पुरुषों और महिलाओं के बीच पारिश्रमिक-असमानता को बढ़ावा देते हैं. इन परिस्थितियों में पारिश्रमिक का नियमन करना चाहिये. दीर्घकालिक उद्यमों की उत्पादकता को बढ़ाने के प्रयास भी किए जाने चाहिए.

 

Jagran Josh
Jagran Josh

Education Desk

    Your career begins here! At Jagranjosh.com, our vision is to enable the youth to make informed life decisions, and our mission is to create credible and actionable content that answers questions or solves problems for India’s share of Next Billion Users. As India’s leading education and career guidance platform, we connect the dots for students, guiding them through every step of their journey—from excelling in school exams, board exams, and entrance tests to securing competitive jobs and building essential skills for their profession. With our deep expertise in exams and education, along with accurate information, expert insights, and interactive tools, we bridge the gap between education and opportunity, empowering students to confidently achieve their goals.

    ... Read More

    यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, डिफेन्स और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम दैनिक, साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स और अपडेटेड जीके हिंदी में यहां देख और पढ़ सकते है! जागरण जोश करेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें!

    एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

    AndroidIOS

    Trending

    Latest Education News