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अमरीश पूरी की 87वीं जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर किया याद

अमरीश पुरी ने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में काजोल के पिता चौधरी बलदेव सिंह का भूमिका निभाया था. इस फिल्म का मुख्य डायलॉग 'जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी' काफी विख्यात है.

Jun 22, 2019 09:18 IST
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बॉलीवुड अभिनेता अमरीश पुरी की आज 87वीं जयंती है. गूगल ने डूडल बनाकर अमरीश पुरी को उनके 87वें जयंती पर याद किया है. अमरीश पुरी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक थे.

बहुत सारे लोग अमरीश पुरी को उनके किरदार मोगैंबो के लिए जानते हैं. हालांकि गूगल ने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में उनके लुक पर स्केच बनाया है. अमरीश पुरी ने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में काजोल के पिता चौधरी बलदेव सिंह का भूमिका निभाया था. इस फिल्म का मुख्य डायलॉग 'जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी' काफी विख्यात है.

अमरीश पुरी मोगैंबो के किरदार से फेमस हुए

अमरीश पुरी 'मि. इंडिया' के मोगैंबो के किरदार से ऐसे फेमस हुए कि ये किरदार अनोखा बन गया. अमरीश पुरी ने न सिर्फ फिल्मों में विलेन का रोल निभाया बल्कि जब वे कैरेक्टर रोल में आए तो उन्होंने अपने फैन्स की आंखें नम कर दीं. 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' में अमरीश पुरा का डायलॉग 'जा सिमरन जा' तो ऐसा आइकॉनिक डायलॉग बना है कि आज भी सबकी जुबान पर रहता है.

अमरीश पुरी ने लगभग 400 फिल्मों में काम किया

अमरीश पुरी ने लगभग 400 फिल्मों में काम किया था. उन्होंने हिंदी फिल्मों के अतिरिक्त मराठी, पंजाबी, मलयालम समेत कई अन्य भाषाओं की फिल्मों में काम किया. उन्हें साल 1979 में संगीत नाटक एकेडमी के पुरस्कार से भी नवाजा गया था. अमरीश पुरी के अभिनय से सजी कुछ मशहूर फिल्मों में 'निशांत', 'गांधी', 'कुली', 'नगीना', 'राम लखन', 'त्रिदेव', 'फूल और कांटे', 'विश्वात्मा', 'दामिनी', 'करण अर्जुन', 'कोयला' आदि शामिल हैं.

अमरीश पुरी का निधन

अमरीश पुरी का निधन 12 जनवरी 2005 को मुंबई में हुआ था. वे उस समय 72 साल के थे. उनका निधन ब्रेन ट्यूमर की वजह से हुआ था. उनके अचानक हुये इस निधन से बॉलवुड जगत के साथ-साथ पूरा देश शोक में डूब गया था.

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अमरीश पुरी के जीवन की 10 बड़ी बातें

    अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब के नवांशहर में हुआ था. अमरीश पुरी चार भाई बहन थे और बड़े भाई मदन पुरी और चमन पुरी दोनों फिल्म एक्टर थे.
    अमरीश पुरी ने अपने करियर की शुरूआत श्रम मंत्रालय के नौकरी से की थी.
    अमरीश पुरी ने उर्मिला दिवेकर से शादी की थी. उनके दो बच्चे हैं.
    उन्होंने फिल्मों में काम पाने की तलाश में अपना पहला ऑडिशन साल 1954 में दिया था. हालांकि उन्हें इसमें रिजेक्ट कर दिया गया था.

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•    अमरीश पुरी को फिल्म में पहला ब्रेक साल 1971 में फिल्म रेशमा और शेरा में मिला था. इसके बाद अमरीश पुरी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा था. उन्होंने फिल्मी सफर में एक से बढ़कर एक किरदार उनके साथ जुड़ते चले गए.
•    अमरीश पुरी ने नौकरी के साथ ही पृथ्वी थिएटर में नाटक करने शुरू कर दिए थे. वे रंगमंच की दुनिया का दिग्गज नाम बन गए थे.
    उन्होंने साल 1982 में सुभाष घई की 'विधाता' में विलेन का रोल निभाया था और यह काफी पॉपुलर भी हुआ था.
    अमरीश पुरी को भारतीय सिनेमा का सबसे यादगार विलेन माना जाता है. अमरीश पुरी की ऐक्टिंग से हॉलिवुड भी काफी प्रभावित था.
    अमरीश पुरी बॉलीवुड के एक ऐसे विलेन थे जो फिल्मों में हीरो पर भारी पड़ जाते थे.
    अभिनेता के रूप निशांत, मंथन और भूमिका जैसी फ़िल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले अमरीश पुरी ने बाद में खलनायक के रूप में काफी प्रसिद्धी पायी.

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