हॉकी इंडिया ने 26 जून 2021 को भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश और पूर्व महिला खिलाड़ी दीपिका के नाम राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के लिए नामित किए हैं. इनके अतिरिक्त हरमनप्रीत सिंह, वंदना कटारिया और नवजोत कौर को अर्जुन अवॉर्ड जबकि पूर्व भारतीय खिलाड़ी आरपी सिंह और सांगाई इबेमहाल के नाम का प्रस्ताव ध्यान चंद अवॉर्ड फॉर लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए दिया गया है.
श्रीजेश पिछले कई साल से भारतीय हॉकी टीम के सदस्य हैं और उन्होंने अपने खेल से हॉकी जगत को खूब प्रभावित किया है. अनुभवी श्रीजेश भारतीय टीम के अहम सदस्य हैं और टोक्यो ओलंपिक में भी हिस्सा लेने जा रहे हैं. पिछले साल रानी रामपाल को खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. वे यह पुरस्कार पाने वालीं पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं थीं.
मुख्य बिंदु
• श्रीजेश ने ब्रेडा में चैंपियंस ट्राफी 2018 में रजत पदक, 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक और एफआइएच सीरीज फाइनल भुवनेश्वर 2019 में मिले स्वर्ण पदक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
• श्रीजेश को साल 2015 में अर्जुन पुरस्कार और साल 2017 में पद्मश्री पुरस्कार मिल चुका है.
• वहीं दीपिका 2018 एशियाई खेलों और 2018 एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा थी.
• हरमनप्रीत 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं. वहीं वंदना कटारिया 200 से अधिक और नवजोत 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं.
खेल रत्न पुरस्कार के लिए पैमाना
खेल रत्न पुरस्कार के लिए एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2020 के प्रदर्शन को पैमाना रखा गया है. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोमबाम ने कहा कि पिछले साल जब रानी रामपाल को खेल रत्न मिला तो यह हमारे लिए गर्व का क्षण था.
राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड
राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड भारत में दिया जाने वाला सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है. इस पुरस्कार को भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है. यह प्रतिवर्ष खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है. प्राप्तकर्ताओं को मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति द्वारा चुना जाता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार साल की अवधि में खेल क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाता है.
अर्जुन पुरस्कार
अर्जुन पुरस्कार खिलाड़ियों को दिये जाने वाला एक पुरस्कार है जो भारत सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये दिया जाता है. इस पुरस्कार का प्रारम्भ साल 1961 में हुआ था. ये पुरस्कार पिछले तीन वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले और नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन जैसे गुणों का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है.
ध्यान चंद पुरस्कार
यह पुरस्कार खेल-कूद में जीवनभर आजीवन उपलब्धि के लिए साल 2002 में शुरू किया गया सर्वोच्च पुरस्कार है. यह पुरस्कार महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर है. इस पुरस्कार से प्रत्येक वर्ष ज़्यादा से ज़्यादा तीन खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है.
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