हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देश मालदीव अब मुसीबत में पड़ गया है. उनके नेताओं द्वारा हाल ही में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी पर की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी महंगी पड़ रही है. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर कल से बायकॉट मालदीव ट्रेंड कर रहा है.
कुछ दिनों से मालदीव के राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और भारतीय सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच एक सोशल मीडिया युद्ध देखने को मिल रहा है. ऐसे में पूरा नुकसान मालदीव को होता दिख रहा है क्योंकि कई भारतीय अपनी छुट्टियाँ मनाने मालदीव जाते है.
मालदीव को होगा भारी नुकसान:
बायकॉट मालदीव के ट्रेंड में आने से मालदीव का पर्यटन मुश्किल में पड़ता दिख रहा है. हजारों भारतीय पर्यटन के लिए अक्सर मालदीव जाते रहते है जिससे मालदीव के पर्यटन को काफी लाभ होता है. यदि भारतीयों में मालदीव पर्यटन का बायकॉट किया तो मालदीव के पर्यटन पर बुरा असर होगा.
मालदीव सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय पर्यटक हर साल मालदीव की यात्रा करने वाले टॉप दस देशों में लगातार बने हुए हैं. अकेले साल 2023 में, मालदीव की यात्रा करने वाले पर्यटकों में, 200,000 से अधिक भारतीय शामिल है, इसके बाद रूस और चीन के पर्यटक है.
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के एक पेपर के अनुसार, मालदीव पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर है और इस उद्योग का उसके सकल घरेलू उत्पाद में 28 प्रतिशत से अधिक का योगदान है.
खबर दो यह भी है कि मालदीव में हजारों की संख्या में होटल बुकिंग और फ्लाइट टिकट कैंसिल की जा रही है. हालांकि इस खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन ऐसा हुआ तो मालदीव पर्यटन मुश्किल में पड़ सकता है.
Recently, I had the opportunity to be among the people of Lakshadweep. I am still in awe of the stunning beauty of its islands and the incredible warmth of its people. I had the opportunity to interact with people in Agatti, Bangaram and Kavaratti. I thank the people of the… pic.twitter.com/tYW5Cvgi8N
— Narendra Modi (@narendramodi) January 4, 2024
20 से 25 दिनों में दिख सकता है:
एएनआई की रिपोर्ट की माने तो जिस तरह से बायकॉट मालदीव अभियान चल रहा, उसे देखते हुए भारत में टूर ऑपरेटर्स मालदीव के टूर पैकेज कैंसिल होने के बाद पड़ने वाले प्रभाव की तैयारी कर रहे है. टूर ऑपरेटर्स के पास मालदीव की कोई नई पूछताछ की कॉल नहीं आ रही है. वहीं . 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स' ने अनुमान लगाया है कि इस घटनाक्रम को देखते हुए बायकॉट का प्रभाव अगले 20 से 25 दिनों में देखने को मिल सकता है.
क्या है पूरा मामला:
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में लक्षद्वीप की यात्रा की थी, जिसको लेकर मालदीव के कुछ राजनेताओं ने उनकी यात्रा को लेकर आपतिजनक टिप्पड़ी की थी. जिसके बाद से यह मामला सुर्ख़ियों में आ गया. खेल से लेकर बॉलीवुड के कई एक्टर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
पीएम मोदी ने लक्षद्वीप को लेकर एक ट्वीट में कहा था कि ''हाल ही में मुझे लक्षद्वीप के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला. मैं अभी भी इसके द्वीपों की अद्भुत सुंदरता और यहां के लोगों की अविश्वसनीय गर्मजोशी से आश्चर्यचकित हूं. मुझे अगत्ती, बंगाराम और कावारत्ती में लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला.''
मालदीव की सरकार भी एक्शन में:
इस बढ़ते विवाद को देखते हुए मालदीव की सरकार भी एक्शन में दिखी. सरकार ने उन तीन मंत्रियों को भी सस्पेंड कर दिया था जिनकी वजह से ये विवाद शुरू हुआ था.
भारत ने मालदीव को किया तलब:
मालदीव के तीन मंत्रियों द्वारा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के बाद भारत ने मालदीव के दूत को तलब किया है. मालदीव के एक सांसद ने लक्षद्वीप यात्रा के बाद पीएम मोदी की आलोचना करते हुए अनुमान लगाया कि नई दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है.
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