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Vijay Diwas 2019: जानिए विजय दिवस क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है?

भारतीय सेना द्वारा वर्ष 1971 में पाकिस्तान सेना पर जीत के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष विजय दिवस मनाया जाता है. यह युद्ध 16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान के बीच 13 दिन चला. इस युद्ध के दौरान भारत के करीब 1500 सिपाही शहीद हो गए थे.

Dec 16, 2019 12:37 IST
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भारत में प्रत्येक साल 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस 16 दिसंबर को 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के कारण मनाया जाता है. इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को हराया था. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को उनके घुटनों पर ला दिया था.

इस युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्‍तान अलग होकर ‘बांग्‍लादेश’ बना था. इसलिए, बांग्लादेश प्रत्येक साल 16 दिसंबर को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने ‘विजय दिवस’ के मौके पर दिल्ली में वॉर मेमोरियल पहुंचकर जवानों को श्रद्धांजलि दी.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘विजय दिवस’ के अवसर पर भारतीय सैनिकों के साहस तथा बलिदान को नमन किया है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ट्वीटर पर कहा कि 1971 को इस दिन हमारी सेना ने इतिहास रचा था जो हमेशा स्‍वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा. विजय दिवस के अवसर पर देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

विजय दिवस क्या है?

भारत सरकार ने 03 दिसंबर 1971 में लाखों बंगाली मुसलमान और हिंदुओं को बचाने हेतु पाकिस्तान के प्रति बहुत ही कड़े फैसले लिए थे. इस फैसले के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ी. यह युद्ध केवल 13 दिनों के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था. इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना पराजित हुई थी और 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था. यह भारतीय सेना की पाकिस्तान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जीत में से एक थी.

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1971 में क्या हुआ था?

• साल 1971 से पहले, बांग्लादेश पाकिस्तान का एक हिस्सा था, जिसे 'पूर्वी पाकिस्तान' कहा जाता था.

• यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर शुरू हुआ था.

• भारत ने पड़ोसी के नाते इस अन्याय का विरोध किया और पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की मदद की. इसका परिणाम यह हुआ कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी जंग हुई.

• इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना पराजित हुई थी और 16 दिसंबर 1971 को ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था.

• इस युद्ध में अनेक भारतीय जवान शहीद हुए और हजारों घायल हो गए थे.

• पाकिस्तान सेना का नेतृत्व कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल एके नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के कमांडर ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण कर हार स्वीकार की थी.

• इस युद्ध के साथ ही पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया और इस दिन ‘बांग्लादेश’ के रूप में एक नया राष्ट्र बन गया.

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