भारत एवं वियतनाम ने 3 सितंबर 2016 को दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने हेतु 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किये. इन समझौतों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनके वियतनामी समकक्ष न्गुयेन शुयान फुक द्वारा हस्ताक्षर किये गये.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 वर्ष बाद इस देश की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. अंतिम बार वर्ष 2001 में वियतनाम की यात्रा पर गये थे.
हस्ताक्षरित समझौते
• शांतिपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति हेतु बाह्य अन्तरिक्ष में अन्वेषण एवं सहयोग हेतु समझौते की रूपरेखा.
• दोहरे कराधान से बचने हेतु समझौते पर संशोधन हेतु प्रोटोकॉल
• संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के मामलों में सहयोग कार्यक्रम
• वर्ष 2017 को मित्रता के वर्ष के रूप में मनाये जाने हेतु प्रोटोकॉल की स्थापना.
• स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन.
• सूचना प्रोद्योगिकी पर समझौता ज्ञापन.
• अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारतीय परिषद एवं वियतनाम अकैडेमी ऑफ़ सोशल साइंस के मध्य समझौता ज्ञापन.
• साइबर सुरक्षा मुद्दे पर समझौता ज्ञापन.
• मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन
• सॉफ्टवेयर विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना पर समझौता ज्ञापन
• शिपिंग जानकारी के बंटवारे पर तकनीकी समझौता
• अपतटीय क्षेत्रों में गश्ती के लिए तेज गति की नौकाओं के लिए अनुबंध
इसके अतिरिक्त, भारत ने वियतनाम के साथ 500 मिलियन डॉलर लाइन क्रेडिट (एलओसी) का भी विस्तार किया है ताकि दोनों देशों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके. यह एलओसी दोनों देशों के मध्य रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा.
अब तक वियतनाम ने रूस एवं चीन के साथ रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किये थे. इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने न्गुयेन शुयान फुक को भारत आने का निमंत्रण भी दिया.
Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1 Current Affairs App
Comments
All Comments (0)
Join the conversation