इस गांधी जयंती के अवसर पर, 02 अक्टूबर, 2021 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुचेतगढ़ में ऑक्ट्रोई पोस्ट (चुंगी चौकी) पर रिट्रीट समारोह का उद्घाटन किया है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह कहा कि, "वाघा बॉर्डर की तर्ज पर ही यह रिट्रीट समारोह भारत की पहली रक्षा पंक्ति, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की महान विरासत और वीरता को दर्शाता है." उन्होंने आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए सुरक्षा बलों की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी.
जम्मू में ऑक्ट्रोई पोस्ट पर पहली बार आयोजित किये गये BSF रिट्रीट समारोह के बारे में विशेष जानकारी
भारत और पाकिस्तान के बीच आठ महीने के लंबे युद्धविराम के बाद, भारत ने 02 अक्टूबर, 2021 को जम्मू और कश्मीर के सुचेतगढ़ में भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित ऑक्ट्रोई पोस्ट पर पहली बार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा इस रिट्रीट समारोह का शुभारंभ किया गया है. यह समारोह एक वाघा-अटारी की तर्ज पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) का रिट्रीट समारोह था जिसमें BSF कर्मियों द्वारा एक संरचित परेड शामिल थी.
BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, यह परेड रिट्रीट समारोह की एक नियमित विशेषता होती है, जो अब से प्रत्येक शनिवार और रविवार को भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर BSF कर्मियों द्वारा सप्ताह में दो बार आयोजित की जाएगी.
BSF के रिट्रीट समारोह का महत्त्व
जम्मू से लगभग 27 किमी दूर, सुचेतगढ़ भारत-पाकिस्तान के विभाजन से पहले की अवधि के दौरान सियालकोट (अब पाकिस्तान में) के लिए एक मार्ग रहा है. सुचेतगढ़ के माध्यम से बना रेलवे मार्ग जम्मू-कश्मीर में पहली रेलवे लाइन थी, लेकिन वर्ष, 1947 के बाद से यह लाइन भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर ज्यादा इस्तेमाल में नहीं रही.
सुचेतगढ़ में रिट्रीट समारोह के उद्घाटन से सुचेतगढ़ की पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन करने, सुचेतगढ़-सियालकोट मार्ग को व्यापार और यात्रा मार्ग बनाने, इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सीमा पार संबंधों को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस रिट्रीट समारोह से सुचेतगढ़ को अटारी सीमा की तरह पूरे साल एक पर्यटन स्थल बनने में मदद मिलने की भी उम्मीद है.
वर्ष, 2016 में ऑक्ट्रोई बॉर्डर पर सीमा पर्यटन की पहल की गई शुरू
जुलाई, 2016 में जम्मू और कश्मीर (J&K) सरकार ने भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ ऑक्ट्रोई बॉर्डर आउट पोस्ट (BoP) पर एक सीमा पर्यटन पहल शुरू की थी. वर्ष, 2016 में संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने जम्मू में इस सीमा पर्यटन पहल की शुरुआत की थी. इस सीमा पर्यटन पहल का उद्देश्य जम्मू में ऑक्ट्रोई बॉर्डर आउट पोस्ट को वाघा-अटारी सीमा के समान एक पर्यटक स्थल बनाना है.
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