दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में फिल्म अभिनेत्री मधुबाला की मोम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. यह घोषण मैडम तुसाद संग्रहालय ने की है. मधुबाला की मोम की यह प्रतिमा वर्ष 1960 की मशहूर फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के अनारकली के किरदार से प्रेरित होगी.
मधुबाला के बारे में-
वर्ष 1933 में जन्मी मधुबाला ने 1942 से लेकर 1962 तक फिल्मों में अभिमय किया.
उन्हें अक्सर हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित महिला सेलिब्रिटी के रूप में माना जाता है.
उन्होंने 'महल' (1949), 'अमर' (1954), 'मिस्टर एंड मिसेज 55' (1955), 'चलती का नाम गाड़ी' (1958), 'मुगल-ए-आजम' (1960) और 'बरसात की रात' (1960), काला पानी और हावड़ा ब्रिज जैसी चर्चित फिल्मों में अभिनय किया.
1952 में अमेरिका की लोकप्रिय पत्रिका-थियेटर आर्टस में फोटो छपने के बाद उनके रूप और अभिनय की दुनिया भर में चर्चा हुई.
लंबी बीमारी के बाद 23 फरवरी, 1969 को मधुबाला की मृत्यु हो गई.
मैडम तुसाद का संग्रहालय के बारे में-
मैडम तुसाद का संग्रहालय नई दिली में रीगल बिल्डिंग में स्थित है.
मैडम तुसाद में अभिनेता अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, कैटरीना कैफ, गायिका आशा भोंसले और श्रेया घोषाल, क्रिकेटर कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, लियोनेल मैस्सी और डेविड बेकहम तथा कई अन्य हस्तियों की प्रतिमाएं रखी गयी हैं.
मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निर्देशक और महाप्रबंधक अंशुल जैन के अनुसार दिल्ली के मैडम तुसाद में मधुबाला का पुतला लगाया जा रहा है. मधुबाला अब भी पूरे देशभर में अरबों प्रशंसकों के दिलों पर राज कर रही हैं. उनकी चुंबकीय सुंदरता प्रशंसकों को उनके साथ एक सेल्फी लेने के लिए आकर्षित करेगी और मैडम तुसाद संग्रहालय को सुनहरे युग में ले जाएगी.

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