नंदन निलेकणी को 24 अगस्त 2017 को इनफ़ोसिस का गैर कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया. नंदन निलेकणी दस वर्ष बाद इनफ़ोसिस में लौटे हैं. विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद कंपनी में चल रही अस्थिरता के लिये यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.
यह पद संभालने पर निलेकणी के सम्मुख पूर्व निश्चित लक्ष्य हासिल करना तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का चुनाव करने जैसे प्रमुख उत्तरदायित्व शामिल होंगे. इसके अतिरिक्त कंपनी के निवेशकों, ग्राहकों और कर्मचारियों का कंपनी पर भरोसा मज़बूत करना उनकी अन्य प्राथमिकताएं होंगी.
नंदन निलेकणी की वापसी के साथ ही इनफ़ोसिस में कुछ अन्य पदाधिकारियों ने भी त्यागपत्र दिया. बोर्ड के मौजूदा चेयरमैन आर. शेषसायी तथा को-चेयरमैन रवि वेंकटेशन ने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद से इस्तीफा देने वाले विशाल सिक्का, निदेशक मंडल के सदस्य जेफरी एस. लेहमन और जॉन एचमेंडी ने भी तत्काल प्रभाव से निदेशक मंडल से इस्तीफा दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया.
नंदन निलेकणी
• नंदन निलेकणी का जन्म 2 जून 1955 को हुआ. उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई से शिक्षा प्राप्त की.
• उन्होंने इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक के रूप में वर्ष 1981 में कंपनी की शुरुआत की तथा निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
• निलेकणी ने मार्च 2002 से जून 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक के तौर पर काम किया और फिर उन्हें कंपनी बोर्ड का सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
• उन्हें भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), आधार प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
• उन्होंने बेंगलुरू (दक्षिण) से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
इनफ़ोसिस
• इन्फोसिस लिमिटेड एक बहुराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी है जिसका मुख्यालय बेंगलुरु, भारत में स्थित है.
• यह भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है.
• इसके भारत में 9 विकास केन्द्र हैं और दुनिया भर में 30 से अधिक कार्यालय हैं.
• इन्फोसिस की स्थापना 02 जुलाई 1981 को पुणे में एन आर नारायण मूर्ति द्वारा की गई. इनके साथ और छह अन्य लोग थे, नंदन निलेकणी, एन एस राघवन, गोपालकृष्णन, एस डी.शिबुलाल, के दिनेश और अशोक अरोड़ा.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation