टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 04 जून 2018 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से ‘सेवा भोज योजना’ और ‘अग्नि-5’ मिसाइल शामिल है.
राष्ट्रपति ने राज्यपालों और उप राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया
भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 04 जून 2018 को राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों और उप राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया.
राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाने वाला यह 49वां सम्मेलन है और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में ये दूसरा सम्मेलन हैं. दो दिवसीय सम्मेलन-2018 में विभिन्न सत्रों में महत्वपूर्ण विषयगत मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. दूसरे सत्र में भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों एवं आंतरिक सुरक्षा पर विवरण एवं प्रस्तुतियां शामिल होंगी.
मिस्र में अब्दुल फतह अल सिसी ने राष्ट्रपति के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सिसी ने 02 जून 2018 को राष्ट्रपति के रूप में चार साल के अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली. अब्दुल फतह अल सिसी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ऐसे समय ली है जब देश आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने सदन में अपनी सरकार के सदस्यों के सामने शपथ ली.
अब्दुल फतह अल सिसी का स्वागत 21 तोपों की सलामी देकर किया गया. अब्दुल फतह अल सिसी ने मार्च 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में वैध वोटों में से 97 प्रतिशत वोट हासिल किये थे.
केंद्र सरकार ने नई योजना ‘सेवा भोज योजना’ शुरू की
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए कुल 325 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेवा भोज योजना’ नामक नई योजना शुरू की है.
समिति की सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय में सक्षम प्राधिकारी ऊपर बताई गई विशेष सामग्रियों पर सीजीएसटी और आईजीएसटी का केन्द्र सरकार का हिस्सा वापस लौटाने के लिए परोपकारी धार्मिक संस्थानों का पंजीकरण करेगा.
भारत ने ‘अग्नि-5’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जानिए इसकी खासियत
भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और स्वदेश में विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का 03 जून 2018 को सफलतापूर्वक परीक्षण किया.
इस मिसाइल को बंगाल की खाड़ी में डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड-4 से सचल प्रक्षेपक (मोबाइल लांचर) की मदद से प्रक्षेपित किया गया. यह अग्नि-5 का छठा परीक्षण था और यह पूरी तरह सफल रहा. इससे पहले 18 जनवरी 2018 को परीक्षण किया गया था.
केंद्र सरकार ने ‘कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण’ का गठन किया
केंद्र सरकार ने 01 जून 2018 कावेरी जल बंटवारे विवाद के समाधान के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण गठित किया है.
यह प्राधिकरण तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी जल के बंटवारे पर विवाद का समाधान करेगा. उच्चतम न्यायालय ने 16 फरवरी 2018 को केंद्र सरकार को आदेश के छह सप्ताह के भीतर प्राधिकरण गठित करने का निर्देश दिया था. इस आदेश में कावेरी के जल में कर्नाटक के हिस्से में मामूली वृद्धि की गई थी, जबकि तमिलनाडु के लिए आवंटन कम कर दिया गया था. इसके साथ ही दक्षिण के दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारा विवाद का समाधान करने की मांग की गई थी.
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