23 दिसंबर, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी चार मीडिया यूनिट्स - फिल्म फेस्टिवल निदेशालय, फिल्म प्रभाग, चिल्ड्रन्ज़ फिल्म सोसायटी और भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार के NFDC (राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम) में विलय को मंजूरी दे दी है.
भारत वैश्विक स्तर पर निजी क्षेत्र के नेतृत्व में इस उद्योग के साथ फिल्मों का सबसे बड़ा उत्पादक है जो एक वर्ष में 3000 से अधिक फिल्मों का निर्माण करता है. कैबिनेट द्वारा लिया गया यह निर्णय एक ऐसा उपाय है जिसका उद्देश्य देश के फिल्म क्षेत्र के समर्थन के लिए अपने वादे को पूरा करना है.
उद्देश्य
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई इकाई का विज़न भारतीय सिनेमा की सभी शैलियों - बच्चों की सामग्री, फीचर फिल्में, ओटीटी मंच के लिए फिल्म्स/ सामग्री, लघु फिल्म और वृत्तचित्र, और एनीमेशन - के केंद्रित और संतुलित विकास को सुनिश्चित करना होगा.
04 फिल्म मीडिया यूनिट्स के विलय का मुख्य विवरण
- इस विलय के बाद राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के अधीन, फिल्म सामग्री के उत्पादन, प्रचार और संरक्षण के विभिन्न पहलुओं को, विशिष्ट रूप से एक प्रबंधन के तहत रखा जाएगा.
- एक निगम के तहत होने वाले इस विलय से विभिन्न गतिविधियों में तालमेल बनेगा.
- इस कदम से विभिन्न गतिविधियों के दोहराव में कमी के साथ-साथ सरकारी खजाने में सीधी बचत भी होगी.
फिल्म्स डिवीजन के बारे में
वर्ष, 1948 में स्थापित, फिल्म्स डिवीजन सूचना और प्रसारण मंत्रालय का एक अधीनस्थ कार्यालय है. इसकी स्थापना मुख्य रूप से भारतीय इतिहास के सिनेमाई रिकॉर्ड और सरकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए समाचार पत्रिकाओं और वृत्तचित्रों का निर्माण करने के लिए की गई थी.
चिल्ड्रन्ज़ फिल्म सोसायटी के बारे में
यह भारत का एक स्वायत्त संगठन है जिसे वर्ष, 1955 में सोसायटी अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था. इस संगठन की स्थापना फिल्मों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को मूल्य-आधारित मनोरंजन प्रदान करने के विशिष्ट उद्देश्य से की गई थी.
राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार के बारे में
यह केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय का एक अधीनस्थ कार्यालय है. यह वर्ष, 1964 में एक मीडिया इकाई के तौर पर स्थापित किया गया था. राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय सिनेमाई विरासत का संरक्षण और अधिग्रहण है.
फिल्म समारोह निदेशालय के बारे में
भारतीय फिल्मों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संलग्न-कार्यालय के रूप में वर्ष, 1973 में इसकी स्थापना की गई थी.
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के बारे में
यह एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जिसे वर्ष 1975 में निगमित किया गया था. NFDC का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय फिल्म उद्योग के कुशल, संगठित और एकीकृत विकास की योजना बनाना और उसे बढ़ावा देना है.
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