What is Omicron XE Variant: भारत में कोरोना के नए वैरिएंट XE ने हाल ही में दस्तक दे दी है. कोराना वायरस का यह केस मुंबई में मिला है. अब ऐसे में इस बात की आशंका है कि इसका संक्रमण देश के दूसरे इलाकों में फैल सकता है. कोरोना के घटते मामलों के बीच कोरोना के XE वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है.
बीएमसी ने कहा कि फरवरी के आखिर में दक्षिण अफ्रीका से महिला भारत आई थी तथा मार्च में उसके XE वेरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. बता दें ओमिक्रॉन के कप्पा वैरिएंट का भी एक केस मिला है. जिन 376 नमूनों का परीक्षण किया गया था. उनमें से 230 मुंबई के निवासी हैं.
XE वैरिएंट का पहला केस
शहर में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट के XE वैरिएंट का पहला केस मिला है. हालांकि, नए वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे. बता दें कि 230 में से 228 सैंपल में ओमीक्रॉन मिला है जबकि एक सैंपल में कप्पा वेरिएंट तथा एक मरीज में कथित तौर पर XE वेरिएंट मिला है.
XE वेरिएंट क्या है और यह कितना खतरनाक?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नया XE वेरिएंट पहली बार 19 जनवरी को यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में पाया गया था. यह दो अन्य ओमिक्रॉन वेरिएंट बीए.1 तथा बीए.2 का एक म्यूटेंट हाइब्रिड है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बदलाव के बाद बना यह स्वरूप पूर्व के स्वरूपों की तुलना में ज्यादा संक्रामक हो सकता है.
WHO ने कहा है कि नया म्यूटेंट ओमिक्रॉन का बीए.2 सब-वेरिएंट की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा ट्रांसमिसिबल (तेजी से फैलने वाला) है, जो किसी भी स्ट्रेन से ज्यादा संक्रमणीय हो सकता है. हालांकि विश्वभर में XE के फिलहाल कम ही मामले देखने को मिले हैं, लेकिन इसकी अत्यधिक उच्च संचरण क्षमता का मतलब यह हो सकता है कि यह निकट भविष्य में सबसे ज्यादा प्रभावशाली स्ट्रेन बन जाता है.
XE वेरिएंट के लक्षण?
यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, एक्सई में नाक बहने, छींकने तथा गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं, जो वायरस के मूल स्ट्रेन के विपरीत होते हैं. मूल स्ट्रेन में आमतौर पर रोगी को बुखार एवं खांसी की शिकायत रहती है तथा साथ ही उसे किसी चीज का स्वाद नहीं आता और कोई गंध भी नहीं आती है. इंग्लैंड में 22 मार्च तक एक्सई के 637 मामलों का पता चला था.
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते है?
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि म्यूटेशन के बारे में और कुछ कहने से पहले डेटा पर गौर करने की आवश्यकता है. फोर्ब्स ने की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूकेएचएसए के मुख्य चिकित्सा सलाहकार सुसान हॉपकिंस के अनुसार, एक संपूर्ण पुष्टि करने के लिए ज्यादा डेटा की जरूरत है. हॉपकिंस ने कहा कि संक्रमण, इसकी गंभीरता या टीके की प्रभावशीलता पर कोई भी निष्कर्ष निकालने के लिए अभी अपर्याप्त सबूत हैं.
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