WHO to identify pathogens: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने हाल ही में कहा है कि, हम ऐसे रोगजनकों (pathogens) की एक अपडेटेड लिस्ट तैयार करने का प्रयास कर रहे है जो भविष्य में ग्लोबल पेंडेमिक का कारण बन सकती है. डब्लूएचओ ने बताया की स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से ऐसे पैथोजीन की पहचान की जाएगी और उन्हें प्राइमरी लेवल पर रखा जायेगा.
इसके लिए डब्लूएचओ ने एक विशेष योजना बनाई है जिसकी मदद से विशाल स्तर पर बीमारी फ़ैलाने वाले रोगाणुओं के बारें में जानकारी कलेक्ट की जाएगी. लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई. इसकी मदद से वैक्सीन, परीक्षण और उपचार में वैश्विक निवेश, शोध एवं विकास को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
🆕 WHO launches scientific process to identify the list of pathogens that could cause future outbreaks and pandemics https://t.co/Vxum0DdtQG pic.twitter.com/k9uHLHOn3U
— World Health Organization (WHO) (@WHO) November 21, 2022
क्या है डब्लूएचओ की कार्ययोजना?
- इन रोगजनकों का पता लगाने के लिए डब्लूएचओ के वैश्विक निवेश, अनुसंधान और विकास कार्यक्रम ने, विशेष रूप से वैक्सीन, टेस्टिंग और उसके बचाव के उपायों में मार्गदर्शन के लिए यह लिस्ट तैयार करने की योजना बनायीं है.
- डब्लूएचओ ने इसके लिय 300 वैज्ञानिकों को चुना है, जो इस लिस्ट को तैयार करने में यूएन हेल्थ एजेंसी की मदद कर सके.
- इन वैज्ञानिकों का समूह 25 से अधिक वायरस फैमली और बैक्टीरिया पर स्टडी करके अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा.
- खासकर इसमे उन रोगजनकों की पहचान की जाएगी जो निकट भविष्य में महामारी का कारण बन सकते है. ताकि ऐसी किसी महामारी से लड़ने में हम खुद को तैयार रख सके.
- एक प्रोग्राम में 'बीमारी X' (Disease X) पर भी फोकस किया जायेगा जो एक अनजान रोगाणु संकेतक है. साथ ही यह ग्लोबल पेंडेमिक के लिए जिम्मेदार भी हो सकता है.
डब्लूएचओ की इस कार्ययोजना का क्या है उद्देश्य?
इस कार्ययोजना की मदद से ग्लोबल पेंडेमिक और बीमारियों के प्रकोप के विरुद्ध त्वरित और कारगर उपायों की पहचान की जाएगी.
इस कार्ययोजना से पहले डब्लूएचओ ने वर्ष 2017 में इस प्रकार की एक लिस्ट जारी की थी, जिसमे उन रोगाणुओं को शामिल किया गया था जिनकी निगरानी की जानी थी. अब डब्लूएचओ उसी लिस्ट को अपडेट करना चाहता है.
वर्ष 2017 की इस लिस्ट में लास्सा बुखार, कोविड-19, मध्य पूर्व श्वसन तंत्र सिंड्रोम (MERS), ज़ीका वायरस, गम्भीर श्वसन तंत्र सिंड्रोम (SARS), और बीमारी X सहित कई वायरस शामिल थे.
साथ ही इसका उद्देश्य किसी महामारी के आने पर रिकॉर्ड समय में सुरक्षित और असरदार वैक्सीन के विकास में मदद करना है.
रिसर्च का क्या है रोडमैप?
इसके तहत स्वास्थ्य वैज्ञानिकों द्वारा उन रोगाणुओं की एक प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी, जिन पर अतिरिक्त रिसर्च और निवेश की आवश्यकता होगी.
इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य अहर्ताओं पर विशेष ध्यान रखा जायेगा जिससे ऐसे प्राथमिक रोगजनकों की विशेष जानकारी प्राप्त की जा सके.
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