विभागीय उपक्रमों और केंद्र एवं राज्य सरकारों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की इकाइयों में काम करने वाले 76 कामगारों का चयन वर्ष 2010 के प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार के लिए किया गया. यह पुरस्कार उत्पादकता के क्षेत्र में असाधारण योगदान और अनुपम साहस एवं बुद्धि से काम लेने, नूतन क्षमताओं और विशिष्ट कार्यनिष्पादन के लिए दिया जाता हैं. श्रम भूषण पुरस्कार के लिए 12, श्रम वीर/श्रम वीरांगना के लिए 38 और श्रमश्री/ श्रम देवी के लिए 26 नामों का चयन किया गया. हालांकि कुल श्रम पुरस्कारों की संख्या 33 है लेकिन कामगारों की संख्या 76 है जिनमें एक महिला शामिल है. इनमें 57 कामगार सार्वजनिक क्षेत्र और 19 निजी क्षेत्र के हैं.
श्रम रत्न पुरस्कार: वर्ष 2010 में प्रतिष्ठित श्रम रत्न पुरस्कांर के लिए कोई नाम उपयुक्त नहीं पाया गया. इस पुरस्कार के तहत दो लाख रुपए नकद और एक सनद दी जाती है.
श्रम भूषण पुरस्कार: कुल 12 श्रम भूषण पुरस्कार दिए जाते हैं. इसके तहत एक लाख रुपए नकद और सनद दी जाती है. वर्ष 2010 में 9 कामगार उपयुक्त पाए गए.
श्रम वीर/श्रम वीरांगना पुरस्कार: श्रमवीर तथा श्रम वीरांगना के लिए 38 कामगारों का चयन किया गया. इनके तहत 60000 रुपए नकद और सनद दी जाती है.
श्रमश्री/श्रमदेवी पुरस्कार: श्रमश्री तथा श्रमदेवी के लिए 26 लोगों को चुना गया. इसके तहत 40000 रुपए नकद और सनद दी जाती है.
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