प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने जूट वर्ष 2014-15 के दौरान अनाज और चीनी की पैकेजिंग के लिए जूट के इस्तेमाल की अनिवार्य करने के प्रस्ताव को 28 जनवरी 2015 को मंजूरी दी. इसके तहत अनाज की न्यूनतम 90 प्रतिशत और चीनी की न्यूनतम 20 प्रतिशत पैकेजिंग जूट की बोरियों में करनी होगी.
विदित हो कि सीसीईए द्वारा यह फैसला जूट क्षेत्र के हित को देखते हुए लिया गया. केंद्र सरकार के इस फैसले से पूर्व जूट उत्पादकों द्वारा यह चिंता व्यक्त की जा रही थी कि अनाज वगैरह के लिए अनिवार्य जूट पैकेजिंग के स्तर में संबंधित कंपनियों/व्यापार केन्द्रों द्वारा कमी की जा सकती है.
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