केंद्रीय विधि मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2015 को दिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम-2015 अधिसूचित किया. यह अधिनियम दिल्ली की जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र को 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये की वृद्धि प्रदान करता है.
यह अधिनियम दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लंबित कार्यवाही को प्रासंगिक अधीनस्थ अदालत में स्थांनांतरित कर सकता है.
इस अधिनियम के लाभ
• इससे दिल्ली उच्च न्यायालय पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम होगा.
• अधीनस्थ न्यायालयों में मामलों के निपटान में ठोस सुधार हो सकेगा.
• छह जिला न्यायालय परिसरों में स्थित 11 जिला न्यायालयों को आम जनता के उपयोग की सुविधा होगी तथा तीव्र न्याय प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जा सकेगी.
इससे पहले अगस्त 2015 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय संशोधन बिल, 2015 को मंजूरी प्रदान की थी. इस बिल को संसद से 10 अगस्त 2015 को मंजूरी मिली.
दिल्ली में जिला न्यायालयों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र के अंतिम संशोधन 2003 में किया गया था, उस समय इसे पांच लाख से 20 लाख रुपये किया गया था.
Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1 Current Affairs App
Comments
All Comments (0)
Join the conversation