भारत का इकलौता शहर, जिसे उल्टा लिखो या सीधा, नहीं बदलता है नाम
भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आपको अलग-अलग शहर देखने को मिलेंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा शहर ऐसा भी है, जिसे उल्टा लिखो या सीधा, उसका नाम नहीं बदलता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत में वर्तमान में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी विशेषताएं हैं। ये विशेषताएं यहां के शहर, गांव व उनकी भौगोलिक, आर्थिक व सामाजिक अवस्था के कारण हैं। इन विशेषताओं की वजह से शहरों को अलग पहचान मिली है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत का इकलौता ऐसा विशेष शहर है, जिसका नाम उल्टा लिखो या सीधा, उसके नाम में परिवर्तन नहीं होता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत में कुल कितने शहर हैं
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि भारत में कुल कितने शहर मौजूद हैं। आपको बता दें कि भारत में कस्बों और शहरों की संख्या जनगणना के साथ बदलती रहती है। साल 2011 की जनगणना पर गौर करें, तो यह संख्या करीब 7,933 थी। वहीं, भारत में 300 से अधिक शहर ऐसे हैं, जिनकी आबादी 1 लाख से अधिक है।
किस शहर का नहीं बदलता है नाम
अब सवाल है कि भारत में ऐसा कौन-सा शहर है, जिसका नाम नहीं बदलता है, तो आपको बता दें कि यह शहर ओडिसा राज्य का कटक शहर है। इस शहर का नाम उल्टा लिखो या सीधा, इसका नाम नहीं बदलता है। हालांकि, यदि आप इसे अंग्रेजी में लिखेंगे, तो इसकी स्पेलिंग Cuttack होगी। कुछ लोग इसे Katak लिखते हैं। लेकिन, यह सही नहीं है। ऐसे में सिर्फ हिंदी में ही इसे उल्टा या सीधा लिखने पर इसके नाम में बदलाव नहीं होगा।
क्या है कटक का इतिहास
सबसे पहले हम कटक का इतिहास जान लेते हैं। आपको बता दें कि इस शहर का इतिहास करीब 1 हजार साल पुराना बताया जाता है। इसकी स्थापना 989 ईस्वी में केसरी राजवंश के नृप केशरी ने की थी। इस कड़ी में यह शहर करीब 1000 सालों तक ओडिसा की राजधानी रहा। यहांं गंग वंश और सूर्य वंश ने शासन किया।
क्यों प्रसिद्ध है कटक
कटक शहर न सिर्फ अपने यहां के ऐतिहासिक मंदिरों के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां के किले के भी समृद्ध भी इतिहास को संजोए हुए हैं। आज भी यहां किलों की भव्यता से अतीत के पन्नों को पढ़ा जा सकता है।
कब-कब किसका रहा शासन
मध्यकालीन युग में 12वीं शताब्दी में यहां गंग वंश का शासन रहा। हालांकि, 14 शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक ने इसे अपने अधीन कर लिया। समय के पहिया आगे बढ़ा, तो यह मुगलों के अधीन भी हो गया, जहां इसे उच्च स्तरीय प्रांत का दर्जा प्राप्त था। वहीं, कुछ समय बाद 1750 के करीब यहां मराठाओं का शासन रहा। देश जब ब्रिटिश हुकूमत के पास पहुंचा, तो 1803 में यहां अंग्रेजों का शासन रहा। साल 1826 में कटक ओडिसा की राजधानी बना। देश आजाद हुआ, तो ओडिसा की राजधानी कटक से बदलकर भुवनेश्वर कर दी गई।
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