झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद व न्यायमूर्ति डीएन पटेल की खंडपीठ ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के 22 अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ: Additional District Judge) की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए रद करने का आदेश दिया. मई 2001 में निकाले गए विज्ञापन के आधार पर झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा इन सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति फरवरी से अगस्त 2002 के दौरान की गई थी.
ज्ञातव्य हो कि झारखंड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के 22 अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की नियुक्ति संबंधी विज्ञापन मई 2001 में निकाले गए थे. परंतु उस समय झारखंड में फास्ट ट्रैक कोर्ट का कोई अस्तित्व ही नहीं था. झारखंड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए पदों की स्वीकृति नवंबर 2001 में मिली थी.
उपरोक्त तथ्य को इंगित करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद व न्यायमूर्ति डीएन पटेल की खंडपीठ ने 7 मार्च 2011 अपने निर्णय में बताया कि केवल संभावना के आधार पर किसी पद पर नियुक्ति करना नियम के अनुसार नहीं है. झारखंड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के 22 अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की नियुक्ति रद्द का आदेश 31 मार्च 2011 से लागू होना है.
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