झारखंड सरकार ने 1 दिसंबर 2015 को मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में मत्स्य विकास निगम के गठन निर्णय लिया है. इसकी विधिवत स्थापना के लिए अध्ययन हेतु राज्य की एक टीम असम भेजी जायेगी. असम में हाल ही में निगम का गठन किया गया है. अध्ययन के बाद निगम की रूप-रेखा तय की जाएगी.
राज्य में मत्स्य विकास निगम के गठन का उद्देश्य
- 2017-18 तक झारखंड ने दूसरे राज्यों में मछली भेजने का लक्ष्य रखा है.
- 2016-17 तक राज्य के लिए मछली उत्पादन की जरूरत पूरा करना.
- राज्य अभी 1200 केज में मछली का उत्पादन कर रहा है. अगले साल इसकी संख्या पांच हजार करने का लक्ष्य है.
- वर्तमान में राज्य में 1.05 लाख एमटी मछली का उत्पादन किया जा रहा है जबकि जरूरत 1.40 लाख एमटी की है.
राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय
कुआं, तालाब, डोभा आदि के अतिरिक्त सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल की बंद पड़ी खदानों को भी मछली उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा. वर्तमान में राज्य में करीब 85 हजार जमाबंदी तथा 26 हजार सरकारी तालाब हैं. मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पिकअप वैन दिया जा रहा है. एक लाख आठ हजार मत्स्य पालकों का बीमा भी कराया गया है.
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