रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक और पाकिस्तान के पेट्रोलियम व प्राकृतिक संसाधन मंत्री शाहिद हक़ान अब्बासी ने 16 अक्टूबर 2015 को कराची से लाहौर तक "उत्तर-दक्षिण" गैस पाइपलाइन के निर्माण के लिए इस्लामाबाद में अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए. कराची से लाहौर तक की इस पाईपलाइन की लम्बाई 1100 किलोमीटर होगी.
इस निर्माण परियोजना के तहत वार्षिक 12.4 अरब घन मीटर की क्षमता वाली 1100 किलोमीटर की पाइपलाइन कराची के एलएनजी टर्मिनलों को लाहौर स्थित टर्मिनलों से जोड़ेगी. रूस इस परियोजना में दो अरब डालर का निवेश करेगा और इसका पहला चरण दिसंबर, 2017 तक पूरा होने की संभावना है.
इस परियोजना का कार्यन्वयन रूस के राजकीय निगम "रोसटेक" की एक सदस्य-कंपनी "आर.टी. ग्लोबल रिसोर्सेस" द्वारा किया जाएगा. इस गैस-पाइपलाइन का निर्माण बूट (बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर) परियोजना के तहत किया जाएगा. इस पाइपलाइन का निर्माण करनेवाली कंपनी 25 वर्ष तक इसकी मालिक बनी रहेगी. तत्पश्चात इसे पकिसत्न सरकार को सौंप दिया जाएगा.
विदित हो इस वर्ष उफा में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मध्य गैस पाइपलाइन प्रगति पर चर्चा की गई थी. इसके अतिरिक्त वर्ष 2015 के अगस्त माह में पाकिस्तान और रूस के मध्य पाकिस्तान को चार एमआई -35 और 'हिंद - ए' अटैक हेलीकाप्टरों बचने पर भी समझौता हुआ था.
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