जापान के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र की प्रचालक कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO) ने यह बताया है कि इस संयंत्र के भूमिगत जल में उच्च स्तर का विषाक्त रेडियोधर्मी आइसोटोप जून 2013 में पाया गया.
फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के भूजल में स्ट्रोंटियम-90 कानूनी दर की तुलना में 30 गुना अधिक पाया गया. इसके साथ ही रेडियोधर्मी आइसोटोप ट्रिटियम भी ऊंचा स्तर पर पाया गया.
वर्ष 2011 में जापान में आई सुनामी और भूकंप के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र ने ठीक से काम करना बंद कर दिया था. इसके साथ ही इसमें पानी का रिसाव भी होने लगा था. सुनामी ने परमाणु संयंत्र के कूलिंग सिस्टम को खराब कर दिया था. इसी वजह से परमाणु संयंत्र को ठंड़ा रखने के लिए इसमें पंपों के द्वारा पानी डाला गया, लेकिन उस समय दूषित पानी के संचय की समस्या टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के सामने आई थी.
कंपनी का मानना है कि स्ट्रोंटियम-90 के स्तर में वृद्धि इस परमाणु संयंत्र के रिएक्टरों में से एक में अप्रैल 2011 के दौरान दूषित पानी का रिसाव का परिणाम है. इस संबंध में वर्ष 2012 से कंपनी ने लगभग 100 परीक्षण किए हैं.
रेडियोधर्मी आइसोटोप (Radioactive Isotopes)
• रेडियोधर्मी आइसोटोप को रेडियो आइसोटोप भी कहा जाता है.
• उत्सर्जन द्वारा उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को बीटा, अल्फा या गामा किरणों के रूप में विकिरण किया जाता है.
• प्रत्येक रसायन के एक या अधिक रेडियोधर्मी आइसोटोप हो सकते हैं.
विषाक्त रेडियोधर्मी आइसोटोप के खतरे
रेडियोधर्मी आइसोटोप के कण हवा को दूषित कर देती है. यह मनुष्यों की सांस लेने की प्रकिय में बाधा पैदा करता है.
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