किशोर बियानी के नेतृत्व वाली फ्यूचर कंज्यूमर एंटरप्राइज लि. (एफसीईएल) ने 9 दिसंबर 2013 को कैपिटल फूड्स में अपना पूरा 44 प्रतिशत स्टेक 180 करोड़ रुपये में एक यूरोपीय निजी ईक्विटी फंड आर्टल ग्रुप को बेच दिया. इससे कैपिटल फूड्स में बियानी का सात साल पुराना निवेश समाप्त हो गया.
इसके परिणामस्वरूप कैपिटल फूड्स का मूल्य बढ़कर 400 करोड़ रुपये हो गया. कैपिटल फूड्स एक देशी खाद्य कंपनी है, जो चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोंस नामक ब्रांड्स के अंतर्गत एक उत्पाद-श्रृंखला निर्मित करती है. मुंबई-स्थित कैपिटल फूड्स में शेष हिस्सेदारी संस्थापक-अध्यक्ष अजय गुप्ता के पास है.
बियानी ने कैपिटल फूड्स में फ्यूचर वेंचर्स के माध्यम से प्रवेश किया था और 2006 में उसमें 13 करोड़ रुपये लगाए थे. पिछले हफ्ते ग्रुप ने घोषित किया था कि उसने वारबर्ग पिंकस एंड फेरिंग कैपिटल को 300 करोड़ रुपये में अपना 28% स्टेक बेचकर अपैरल ब्रांड बीबा में से अपना निवेश निकाल लिया था.
बियानी जहाँ नॉन-कोर बिजनेसेज से बाहर अपना रास्ता बना रहे हैं, एफसीईएल का अगले पाँच-छह वर्षों में 10000 करोड़ रुपये का एफएमसीजी खिलाड़ी बनने का लक्ष्य है. यह असाधारण आकार हासिल करने के लिए बियानी ने एक दीर्घकालिक लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के माध्यम से खाद्य और पेय (एफ एंड बी) ब्रांड सनकिस्ट को भारत में लॉन्च करने के एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
1.4 अरब डॉलर की कैलिफोर्निया-स्थित सनकिस्ट ग्रोअर्स 80 से ज्यादा देशों में अपने ब्रांड्स का लाइसेंस देती है और सिट्रस श्रेणी में अपनी मौजूदगी के लिए अत्यधिक प्रसिद्ध है.
आर्टल का भारत में प्रवेश वर्लइन्वेस्ट जैसे अनेक बड़े यूरोपीय निवेशकों और पारिवारिक कार्यालयों का हितसाधन करता है, जिन्होंने भारत में एफ एंड बी सौदे करने की कोशिश की है.
आर्टल न्यूयॉर्क-स्थित इन्वस ग्रुप का अंग है, जो फंड्स में 4 अरब डॉलर का प्रबंधन करती है और जिसके अध्यक्ष एक शांत निवेशक रेमंड डेबने हैं.
इन्वस ग्रुप अपनी वर्टिकल कंपनी आर्टल के माध्यम से यूरोप के धनी परिवारों के लिए धन का प्रबंधन करती है और अमेरिकी वेट-लॉस कंपनी वेट वाचर्स इंटरनेशनल में अपने निवेश के लिए प्रसिद्ध है.
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